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पाकिस्तान-अफगानिस्तान और बांग्लादेश के हिंदुओं की वीजा बिना No Entry, नियमों में हुए कौन-कौन से बदलाव, CAA से क्या कनेक्शन, FAQ

भारत के नए इमिग्रेशन नियम 2026 में क्या बदलाव हुए? जानें पाकिस्तान से आए हिंदू-सिखों के वीजा नियम, पासपोर्ट रिन्यूअल में छूट और CAA से अंतर.

पाकिस्तान-अफगानिस्तान और बांग्लादेश के हिंदुओं की वीजा बिना No Entry, नियमों में हुए कौन-कौन से बदलाव, CAA से क्या कनेक्शन, FAQ
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सागर द्विवेदी
सागर द्विवेदी1 Mins Read

Published on: 6 Nov 2026 3:34 PM

केंद्र सरकार ने भारत में रहने वाले विदेशी नागरिकों से जुड़े इमिग्रेशन नियमों में बदलाव किया है. गृह मंत्रालय की नई अधिसूचना में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए छह गैर-मुस्लिम समुदायों के लोगों से जुड़े प्रावधान शामिल हैं. इनमें हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई शामिल हैं. इसके अलावा कुछ पाकिस्तानी नागरिकों और भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों को पासपोर्ट रिन्यू कराने से राहत दी गई है. भारत, नेपाल और भूटान के बीच यात्रा के नियमों को भी साफ किया गया है. आइए 10 सवालों के जरिए समझते हैं कि नए आदेश में क्या बदला है और इसका किन लोगों पर असर पड़ेगा.

गृह मंत्रालय के नए आदेश में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए छह गैर-मुस्लिम समुदायों को लेकर प्रावधान किए गए हैं. इनमें हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई शामिल हैं. 31 दिसंबर 2024 या उससे पहले भारत आए इन लोगों को पहले पासपोर्ट और वीजा की शर्तों से छूट थी. नए आदेश के तहत अब भारत में रहने के लिए वीजा जरूरी होगा.

हां, नए प्रावधान उन लोगों पर भी लागू होंगे, जो 31 दिसंबर 2024 या उससे पहले बिना वैध यात्रा दस्तावेजों के भारत आए थे. इसमें ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिनके पासपोर्ट या अन्य यात्रा दस्तावेजों की अवधि समाप्त हो चुकी है.

31 दिसंबर 2009 या उससे पहले भारत आए कुछ पाकिस्तानी नागरिकों को पासपोर्ट रिन्यू कराने से छूट दी गई है. यह राहत उन लोगों के लिए है, जो भारत में स्थायी रूप से बसने आए थे और पाकिस्तान का कंप्यूटरीकृत राष्ट्रीय पहचान पत्र (CNIC) नहीं होने के कारण पासपोर्ट रिन्यू नहीं करा पा रहे हैं. इसके लिए उन्हें लिखित आश्वासन देना होगा कि वे दोबारा पाकिस्तान नहीं लौटेंगे.

31 दिसंबर 2009 या उससे पहले मलेशिया और सिंगापुर के पासपोर्ट पर भारत लौटे कुछ भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों को पासपोर्ट रिन्यू कराने से छूट दी गई है. यह राहत उन लोगों को मिलेगी, जिनका पासपोर्ट एक्सपायर हो चुका है और संबंधित देशों के नियमों के कारण वे इसे दोबारा रिन्यू नहीं करा सकते.

ऐसा व्यक्ति जो वर्तमान में किसी दूसरे देश का नागरिक है, लेकिन उसका पारिवारिक संबंध भारत से रहा है, भारतीय मूल का विदेशी नागरिक माना जा सकता है. इसमें वे लोग शामिल हैं, जिनके पास पहले भारतीय पासपोर्ट था या जिनके माता-पिता, दादा-दादी अथवा परदादा-परदादी भारत में पैदा हुए थे और यहां स्थायी रूप से रहते थे. हालांकि, इस विशेष छूट में पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, अफगानिस्तान, भूटान, नेपाल और चीन के नागरिक शामिल नहीं होंगे.

भारत, नेपाल और भूटान के नागरिक जमीन या हवाई रास्ते से सीधे एक-दूसरे के देश में यात्रा कर सकते हैं. इसके लिए वीजा और पासपोर्ट के बजाय वीजा मैनुअल में निर्धारित पहचान पत्रों में से कोई एक दिखाना होगा. जरूरत पड़ने पर इमिग्रेशन अधिकारी अतिरिक्त जानकारी भी मांग सकते हैं.

हां, अगर कोई भारतीय नागरिक नेपाल या भूटान के रास्ते किसी तीसरे देश जाता है या वहां से भारत लौटता है, तो उसके पास वैध पासपोर्ट होना जरूरी है. उसे निर्धारित इमिग्रेशन चेकपोस्ट से ही प्रवेश और निकास करना होगा. वहीं, चीन, मकाऊ, हांगकांग या पाकिस्तान से आने वाले नेपाली और भूटानी नागरिकों को भी वैध पासपोर्ट और वीजा रखना होगा.

हां, नए आदेश में श्रीलंकाई तमिलों और कुछ तिब्बती नागरिकों को पहले से मिली छूट बरकरार रखी गई है. 9 जनवरी 2015 या उससे पहले भारत में शरण लेने वाले पंजीकृत श्रीलंकाई तमिल इसके दायरे में हैं. वहीं, निर्धारित अवधि और परमिट के तहत भारत आए कुछ तिब्बती नागरिकों को भी छूट जारी रहेगी. कुछ मामलों में उनके लिए रजिस्ट्रेशन और प्रमाणपत्र लेना जरूरी होगा.

नए इमिग्रेशन आदेश में सैन्य कर्मियों और विदेशी सैन्य जहाजों के कर्मचारियों के लिए भी विशेष प्रावधान शामिल हैं. हालांकि, यह छूट निर्धारित शर्तों और आधिकारिक प्रक्रियाओं के अनुसार लागू होगी. यह सामान्य यात्रियों के लिए लागू छूट नहीं है.

CAA 2019 और इमिग्रेशन आदेश 2026 दोनों पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए छह गैर-मुस्लिम समुदायों से संबंधित हैं, लेकिन दोनों का उद्देश्य अलग है. CAA 2019: इसके तहत निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले पात्र लोगों को भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करने का रास्ता मिलता है. इसमें 31 दिसंबर 2014 या उससे पहले भारत आए पात्र लोगों को शामिल किया गया है.

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