गर्मी ने फ्रांस वालों का क्या हाल कर दिया? पंखे से लेकर AC खरीदने के लिए ऐसे टूट पड़ी भीड़, चौंका देगा VIDEO
फ्रांस में भीषण हीटवेव के कारण AC और कूलिंग डिवाइसेस की मांग अचानक बढ़ गई है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में स्टोर खुलते ही लोगों को AC खरीदने के लिए दौड़ते और धक्का-मुक्की करते देखा जा सकता है.
इन दिनों पूरा यूरोप भीषण गर्मी की मार झेल रहा है. हालात इतने खराब हो चुके हैं कि कई यूरोपीय देशों में पारा लगातार रिकॉर्ड तोड़ रहा है. इस तपती गर्मी का सबसे खतरनाक असर फ्रांस में देखने को मिल रहा है. लगातार बढ़ते तापमान ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. स्थिति यह है कि अब लोगों के लिए घरों में बिना एयर कंडीशनर (AC) या कूलर के रहना नामुमकिन हो गया है. इसी बीच, फ्रांस के एक इलेक्ट्रॉनिक स्टोर का हैरान कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है. इस वीडियो को देखकर हर कोई दंग है कि शांत माने जाने वाले यूरोपीय देशों में भी ऐसी स्थिति आ सकती है.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ 'भगदड़' का वीडियो
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स हैंडल पर इस वीडियो को शेयर किया गया है. वीडियो के कैप्शन में बताया गया है कि फ्रांस में गर्मी इतनी भीषण है कि वहां दुकानों में AC, कूलर और अन्य कूलिंग डिवाइसेस की भारी किल्लत हो गई है. स्टॉक कम होने की वजह से लोगों के बीच इन AC को खरीदने की ऐसी होड़ मची है कि दुकानों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है.
वायरल वीडियो में क्या है?
वीडियो में देखा जा सकता है कि जैसे ही स्टोर के बड़े दरवाजे खुलते हैं, बाहर इंतजार कर रही लोगों की भारी भीड़ पागलों की तरह अंदर की तरफ दौड़ पड़ती है. हर कोई जल्द से जल्द AC या कूलर पर कब्जा कर लेना चाहता है. जिसे जो भी मॉडल या डिब्बा हाथ लग रहा है, वह उसे उठाकर बिलिंग काउंटर की तरफ भाग रहा है. इस अंधी दौड़ में लोग एक-दूसरे को धक्का देते और आगे निकलने की कोशिश करते दिख रहे हैं, जिससे स्टोर के अंदर कुछ समय के लिए भगदड़ जैसी स्थिति बन जाती है. यह पूरी घटना फ्रांस के चैम्बरी शहर की बताई जा रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में फ्रांस के अंदर ऐसा नजारा पहले कभी नहीं देखा था.
तापमान 41 डिग्री के पार, आधे फ्रांस में रेड अलर्ट
मौसम संबंधी रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस समय फ्रांस समेत पूरा यूरोप भीषण हीट वेव की चपेट में है. कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर चुका है. बीबीसी (BBC) की एक रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में बीता मंगलवार फ्रांस के इतिहास का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया, जब राजधानी पेरिस में पारा 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. चूंकि यूरोपीय देशों में घरों की बनावट ठंड के हिसाब से होती है और वहां आमतौर पर इतनी गर्मी नहीं पड़ती, इसलिए अधिकांश घरों में पहले से AC नहीं लगे थे. लेकिन इस बार की रिकॉर्ड तोड़ गर्मी ने लोगों को मजबूर कर दिया है कि वे जैसे भी हो, अपने घरों के लिए कूलिंग सिस्टम का इंतजाम करें.
एक तरफ किल्लत, दूसरी तरफ युवाओं की अनोखी सोच
इस भीषण संकट के बीच फ्रांस में एक दिलचस्प बहस भी देखने को मिल रही है. जहां एक तरफ उम्रदराज लोग और परिवार किसी भी कीमत पर AC खरीदने के लिए लाइनों में लगे हैं, वहीं फ्रांस की युवा पीढ़ी का सोचना थोड़ा अलग है. पेरिस के कई युवाओं का कहना है कि वे इस तपती लू को बर्दाश्त कर लेंगे, लेकिन पर्यावरण और धरती को नुकसान पहुंचाने की कीमत पर अपने घरों में AC नहीं लगवाएंगे. युवाओं का मानना है कि AC से निकलने वाली गैसें ग्लोबल वार्मिंग को और बढ़ाती हैं, जिससे भविष्य में यह गर्मी और ज्यादा जानलेवा हो जाएगी.
1950 के बाद से सबसे बड़ा संकट
यूरोप में गर्मी का यह रूप नया नहीं है. साल 1950 के बाद से स्पेन, ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देशों में भीषण गर्मी की लहरें रुक-रुक कर आती रही हैं. लेकिन इस बार का संकट इसलिए बड़ा है क्योंकि अत्यधिक लोड के कारण कई इलाकों में बिजली ग्रिड फेल हो गए हैं, जिससे हजारों घरों में बत्ती गुल है. बिना बिजली और बिना AC के लोग घरों के भीतर उबलने को मजबूर हैं.




