9/11 जैसी साजिश! आखिर फ्लायदुबई के को-पायलट का क्या था प्लान, जिसे भारतीय कैप्टन ने किया नाकाम? जानें क्या-क्या जानकारी आई सामने?
फ्लायदुबई की FZ1073 फ्लाइट में को-पायलट के हमले के बाद जांच जारी है. अधिकारियों ने इसे 9/11 जैसे हमले की साज़िश करार दिया है. इसके साथ ही हमलावर के टारहगेट की जानकारी भी सामने आई है.
फ्लायदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट FZ1073 में हवा के बीच एक बेहद गंभीर घटना सामने आई. CNN-News18 के मुताबिक, शीर्ष खुफिया सूत्रों ने इस घटना को सोची समझी 9/11 जैसी साजिश बताया है, जिसे भारतीय कप्तान और विमान में मौजूद बहादुर यात्रियों के असाधारण हस्तक्षेप से टाला गया. हालांकि, घटना के पीछे का मकसद और इसे आतंकवादी साजिश के रूप में कैटेगराइज किए जाने को लेकर जांच अभी जारी है. Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है और हमले के मकसद की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.
यह घटना फ्लायदुबई के बोइंग 737 MAX 8 विमान में हुई. विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था और उसमें करीब 180 यात्री सवार थे. इनमें बड़ी संख्या में इजरायली नागरिक बताए गए हैं.
फ्लाइट में क्या हुआ?
खुफिया आकलन के मुताबिक, उड़ान के दौरान कॉकपिट के अंदर मौजूद ओमान के को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर अचानक हमला कर दिया. आरोप है कि उसने एक धारदार हथियार से कैप्टन पर कई बार हमला किया. यह हथियार कथित तौर पर एयरपोर्ट की सुरक्षा जांच को पार करके विमान के अंदर लाया गया था.
क्या चाहता था हमलावर?
बताया गया कि हमले का मकसद कैप्टन मच्छार को पूरी तरह से incapacitate यानी विमान चलाने की स्थिति से बाहर करना था. खुफिया सूत्रों के अनुसार, हमलावर का कथित इरादा विमान का कंट्रोल अपने हाथ में लेकर उसे तेज गति से नीचे गिराने का था. आकलन में यह भी कहा गया कि विमान को इजरायल के बड़े आबादी वाले इलाकों की ओर ले जाने की कोशिश की जा सकती थी, जिसमें तेल अवीव या यरुशलम को संभावित निशाना बताया गया.
इस दौरान कॉकपिट में स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई थी. आरोप है कि को-पायलट विमान के फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम के साथ छेड़छाड़ करने और सुरक्षा नियंत्रणों को निष्क्रिय करने की कोशिश कर रहा था.
विमान ने भेजा हाइजैक का संकेत?
कॉकपिट में संघर्ष बढ़ने के दौरान विमान से Squawk 7500 कोड प्रसारित हुआ. यह विमानन क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाला अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन कोड है, जिसका मतलब विमान में गैरकानूनी हस्तक्षेप या संभावित हाइजैकिंग से होता है. इस संकेत के बाद क्षेत्र की सुरक्षा एजेंसियों में तुरंत अलर्ट जारी हुआ. इजरायली अधिकारियों ने विमान की स्थिति को देखते हुए लड़ाकू विमानों को भी तैयार किया और उन्हें इंटरसेप्ट करने के लिए भेजा गया.
कुछ ही सेकंड में 14 हजार फीट नीचे आया विमान
घटना के दौरान विमान की ऊंचाई में अचानक भारी गिरावट दर्ज की गई. उपलब्ध फ्लाइट-ट्रैकिंग आंकड़ों के अनुसार, बोइंग 737 विमान करीब 14,000 फीट नीचे गिर गया. हिन्दुस्तान टाइम्स ने फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के हवाले से बताया कि विमान करीब 14,300 फीट नीचे आया और बाद में गैरकानूनी हस्तक्षेप वाला ट्रांसपोंडर कोड भी प्रसारित हुआ.
हमले में कैप्टन स्मित मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए. उनके सिर और शरीर पर चोटें आईं और काफी खून भी बहा. इसके बावजूद उन्होंने हमलावर का मुकाबला करना जारी रखा. बताया गया कि कैप्टन ने हमलावर को रोकने में महत्वपूर्ण समय हासिल किया. इसी दौरान विमान के केबिन में मौजूद क्रू और यात्रियों को स्थिति को समझने और कॉकपिट तक पहुंचने का मौका मिला.
कैसे लोगों ने की मदद?
इसके बाद केबिन क्रू और कुछ यात्रियों ने कॉकपिट में पहुंचकर कथित हमलावर को काबू करने में मदद की. उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, विमान में मौजूद अन्य पायलटों ने भी विमान को स्थिर करने में भूमिका निभाई. Reuters के मुताबिक, यात्रियों और क्रू ने को-पायलट को काबू किया, जिसके बाद विमान में मौजूद अतिरिक्त पायलटों की मदद से विमान को सुरक्षित उतारा गया.
कहां हुई इमरजेंसी लैंडिंग
स्थिति पर नियंत्रण पाने के बाद विमान को इजरायल के बजाय सऊदी अरब के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में स्थित तबूक की ओर मोड़ दिया गया. फ्लाइट FZ1073 ने तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित आपातकालीन लैंडिंग की. फ्लायदुबई ने कहा कि विमान में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं और सभी का पता लगा लिया गया है. एयरलाइन ने यह भी कहा कि वह संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर घटना की जांच में सहयोग कर रही है.
तबूक में उतरने के बाद घायल कैप्टन स्मित मच्छार को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. उनके साथ को-पायलट को भी अस्पताल ले जाया गया और मामले की जांच सऊदी अधिकारियों द्वारा की जा रही है. Reuters के अनुसार, मच्छार की हालत स्थिर बताई गई है और उन्हें मध्यम स्तर की चोटें आई हैं.
कौन हैं कैप्टन स्मित मच्छार?
फ्लाइट के भारतीय कैप्टन की पहचान स्मित मच्छार के रूप में हुई है. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, वह भारतीय नागरिक हैं और पहले स्पाइसजेट के साथ भी काम कर चुके हैं. हिन्दुस्तान टाइम्स के अनुसार, वह जून 2022 से फ्लायदुबई के बोइंग 737 बेड़े में कैप्टन के रूप में काम कर रहे थे. उनके प्रोफाइल के मुताबिक उनके पास बोइंग 737-800 और 737 MAX 8 विमानों पर करीब 9,750 उड़ान घंटे का अनुभव है. मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि मच्छार ने हमले के बावजूद विमान को बचाने और स्थिति को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
हमले के बाद कैप्टन मच्छार को तबूक के एक स्थानीय सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनके सिर और शरीर में गंभीर चोटें आई हैं. वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि उनकी हालत फिलहाल स्थिर है और वह तत्काल खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं. अस्पताल में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. बाहरी लोगों के अस्पताल में प्रवेश पर प्रतिबंध बताया गया है.
पीएम मोदी ने कैप्टर मच्छर के बारे में क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की तारीफ की. कैप्टन स्मित ने फ्लायदुबई की एक फ्लाइट में सवार 174 लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई थी. पीएम मोदी ने उन्हें “हीरो” बताया और मुश्किल हालात में उनके साहस की सराहना की. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “कैप्टन स्मित मच्छार एक हीरो हैं.”
उन्होंने आगे कहा, “इतने बड़े खतरे के बावजूद और गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी उन्होंने जबरदस्त हिम्मत दिखाई. दूसरों की जान बचाने का उनका संकल्प अटूट रहा. उनकी बहादुरी से सैकड़ों लोगों की जान बचाने और एक बड़ी त्रासदी को टालने में मदद मिली.”
नेतन्याहू ने क्या कहा?
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की असाधारण बहादुरी को सलाम किया है. नेतन्याहू ने लिखा, “मैं भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की असाधारण बहादुरी को सलाम करता हूं. चाकू से हमला होने और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने हमलावर का मुकाबला किया, उसका विरोध किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे. इससे यात्रियों और क्रू को हमलावर पर काबू पाने में मदद मिली और हवा में होने वाली एक बड़ी तबाही टल गई.”
उन्होंने आगे कहा, “कैप्टन मच्छार ने इजरायली नागरिकों और अन्य देशों के नागरिकों समेत 174 लोगों की जान बचाई. मैं कैप्टन मच्छार के जल्द और पूरी तरह स्वस्थ होने की कामना करता हूं.”




