April 4, 2026
पाकिस्तान के पंजाब में सरकार पशुपालकों पर एक नया टैक्स लगाने की तैयारी कर रही है. इसे लोग मजाक में 'गोबर टैक्स' कह रहे हैं.
इस टैक्स के तहत गाय या भैंस जैसे पालतू जानवरों पर हर दिन लगभग 30 रुपये तक शुल्क लिया जाएगा. सरकार का कहना है कि इससे एक्स्ट्रा पैसा आएगा और स्थानीय निकायों की आर्थिक हालत सुधरेगी.
मरियम नवाज की सरकार इसे 'ग्रीन एनर्जी' का प्रोजेक्ट बता रही है. यह 'सुथरा पंजाब बायोगैस प्रोग्राम' का हिस्सा है, जो दिसंबर 2024 में शुरू हुआ था. इसका मकसद है- जानवरों का गोबर इकट्ठा करके बायोगैस बनाना, कचरा साफ करना और पर्यावरण को बचाना.
पंजाब में कुल 168 कैटल कॉलोनियों को चुना गया है. इनमें करीब 50 लाख गाय-भैंस हैं. पहले चरण में लाहौर के हरबंसपुरा और गुज्जरपुरा इलाकों से शुरू होगा, बाद में पूरे पंजाब में लागू किया जाएगा. ग्रामीण इलाकों में जहां बहुत से लोग पशुपालन करते हैं, वहां यह टैक्स सबसे ज्यादा असर करेगा.
सरकार कहती है कि इतने सारे जानवरों का रोज कितना गोबर निकलता है, इसे मापना बहुत मुश्किल है. इसलिए हर जानवर पर फिक्स रेट (तय राशि) ले लिया जाएगा. चाहे गोबर ज्यादा हो या कम. इस पैसे से गोबर इकट्ठा करने, साफ-सफाई और बायोगैस प्लांट चलाने का काम होगा.
विपक्षी पार्टियां इस फैसले की जमकर आलोचना कर रही हैं. उन्होंने इसे 'गोबर टैक्स' नाम दे दिया है. उनका कहना है कि सरकार आर्थिक तंगी में है, इसलिए किसानों और पशुपालकों की जेब से पैसा निकालने का नया तरीका ढूंढ रही है.