July 2, 2025
जहानाबाद-गया फोरलेन पर 7-8 विशाल पेड़ अब भी बीच सड़क में खड़े हैं, जो वाहनों के लिए जानलेवा खतरा बन चुके हैं.
राष्ट्रीय राजमार्ग-83 पर चौड़ीकरण के इस प्रोजेक्ट पर 100 करोड़ खर्च हुए, लेकिन बुनियादी क्लियरेंस ही नहीं मिल पाई.
PWD को पेड़ों को हटाने के लिए NOC नहीं मिला क्योंकि विभाग ने 14 हेक्टेयर बदले में मांगा.
NOC नहीं मिलने के बावजूद पीडब्ल्यूडी ने निर्माण जारी रखा, और अब पेड़ बीच रास्ते में हैं.
फोटो वायरल होते ही बिहार की इस 'पेड़ हाईवे' की देशभर में जमकर फजीहत हुई.
जांच के बाद निर्माण एजेंसी पर बिना पर्यावरण स्वीकृति के काम करने को लेकर एफआईआर दर्ज हुई.
पेड़ों पर चमकदार टेप, बालू की बोरियां और ड्रम लगाकर वाहनों को टकराने से बचाने की कोशिश.
मध्य प्रदेश के 90-डिग्री ब्रिज के बाद अब बिहार की यह सड़क भी बन गई राष्ट्रीय मज़ाक का कारण.