उत्तराखंड के सावन की तिथि क्यों होती है अलग

Credit : AI

कब से शुरू है सावन?

उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में सावन 30 जुलाई 2026 से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 तक चलेगा. वहीं, दक्षिण और पश्चिम भारत में सावन 13 अगस्त से 10 सितंबर 2026 तक रहेगा.

Credit : Instagram- devo_ke_dev_mahadev_

उत्तराखंड में कब से शुरू होगा सावन?

उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में 16 जुलाई 2026 से सावन की शुरुआत होगी. इसी दिन हरेला पर्व भी मनाया जाएगा. यह सावन 15 अगस्त 2026 तक रहेगा.

Credit : ANI

उत्तराखंड का सावन अलग क्यों होता है?

उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों, नेपाल और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में सौर पंचांग के आधार पर महीने तय किए जाते हैं. इसलिए यहां सावन की तारीख बाकी राज्यों से अलग होती है.

Credit : AI

सौर पंचांग में कैसे तय होती है तिथि?

सौर पंचांग में जब सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है, यानी संक्रांति होती है, तभी नया महीना शुरू माना जाता है. यही वजह है कि यहां सावन आमतौर पर 16-17 जुलाई के आसपास शुरू होता है.

Credit : AI

उत्तर भारत में कैसे तय होता है सावन?

उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में पूर्णिमांत पंचांग माना जाता है. इसमें नया महीना पूर्णिमा के बाद शुरू होता है, इसलिए यहां सावन की तारीख अलग रहती है.

Credit : chatgpt

पहला सावन सोमवार कब है?

उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में सावन का पहला सोमवार 20 जुलाई 2026 को था.

Credit : chatgpt

उत्तराखंड में सावन का खास महत्व

उत्तराखंड में सावन के दौरान हरेला जैसे प्रसिद्ध लोकपर्व मनाए जाते हैं. कुमाऊं क्षेत्र में इस समय बैसी (11 या 22 दिनों की विशेष भक्ति) की परंपरा भी निभाई जाती है.

More Stories