UPSC में शुरुआती झटका
2009 में पहली बार UPSC सिविल सेवा परीक्षा दी, लेकिन सफलता नहीं मिली. हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी. 2010 में दोबारा एग्जाम दिया, लेकिन वह अपने नंबर से खुश नहीं थी. इसलिए उन्होंने 2011 में फिर कोशिश की और AIR 358 रैंक के साथ सफलता पाई.