February 14, 2026
सड़क दुर्घटना के बाद अक्सर इलाज शुरू होने में देरी जानलेवा बन जाती है. इसी परेशानी को दूर करने के लिए सरकार ने ऐसी व्यवस्था बनाई है, जिसमें पीड़ित को तुरंत अस्पताल में भर्ती कर इलाज शुरू किया जा सके.
इस योजना के तहत मरीज को 1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज मिलेगा.
एक्सीडेंट के बाद शुरुआती घंटे जिंदगी बचाने के लिए बेहद अहम होते हैं. योजना इस समय में फौरन लाइफ-सेविंग ट्रीटमेंट सुनिश्चित करने पर जोर देती है.
इस योजना के तहत हॉस्पिटल को निर्देश दिए गए हैं कि वे पहले मरीज की जान बचाने पर ध्यान दें. कागजी प्रोसेस बाद में पूरा किया जा सकता है.
सिर्फ फर्स्ट एड ही नहीं, बल्कि मरीज की हालत को स्थिर करने तक की देखभाल भी शामिल है, ताकि आगे का इलाज सुरक्षित तरीके से हो सके.
जिन परिवारों के पास इमरजेंसी फंड नहीं होता, उनके लिए यह पहल किसी सहारे से कम नहीं. उन्हें उधार या कर्ज लेने की जरूरत कम पड़ती है.
दुर्घटना के बाद अचानक आने वाला खर्च घर की आर्थिक स्थिति हिला देता है. यह योजना उस तनाव को काफी कम करने में मदद करती है.