May 12, 2026
बीते 11 मई को पीएम मोदी ने देशवासियों से खास अपील की. जिसमें उन्होंने कहा- खाने के तेल का कम इस्तेमाल, एक साल तक सोना न खरीदना, पेट्रोल-डीजल बचाएं, वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा और विदेशी यात्राएं टालें.
पीएम मोदी की यह अपील चर्चा में बनी हुई है लेकिन सबसे ज्यादा जो परेशान कर रही है वो है सोना न खरीदने की. जिसे सुनकर व्यापारी वर्ग सबसे ज्यादा परेशान है.
लेकिन उनकी यह अपील 59 साल पुराने दौर की याद दिला रहा है. जब 1967 में देश की पहली महिला प्रधानमंत्री ने सोना न खरीदने की अपील की थी.
6 जून, 1967 को द हिंदू में प्रकाशित एक रिपोर्ट की हेडलाइन थी- जिसमें इंदिरा ने लोगों से कहा- 'सोना न खरीदे'. वजह थी कि उस समय भारत विदेशी मुद्रा की भारी कमी और आयात बोझ तले दबा था.
ऐसे में लिमिटेड डॉलर स्टॉक पर गोल्ड इंपोर्ट को बड़ा बोझ माना गया. जिसके चलते इंदिरा गांधी को यह फैसला लेना पड़ा. उन्होंने जनता से अपील की विदेशी मुद्रा के मामले में हम अति गंभीर स्थिति का सामना कर रहे हैं.
उन्होंने आगे कहा, 'सोने के आयात से सोने के आयात से हमारा बोझ काफी बढ़ गया है. इसलिए, मैं अपने सभी नागरिकों से अपील करती हूं कि वे आभूषणों या किसी अन्य रूप में सोना न खरीदें. यह राष्ट्रीय अनुशासन और त्याग का समय है.'
अब मोदी की अपील से अगर समझे तो भारत में ऐसी स्थिति पश्चिम देशों में होने वाले तनाव की वजह से संकट में है क्योंकि दुनिया के सबसे बड़े तेल शिपिंग मार्गों में से एक, होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास के तनाव से प्रेरित है.
पीएम मोदी की यह अपील तब आई जब हाल ही के हफ्तों में वैश्विक कच्चे तेल की कीमत लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर लगभग 126 डॉलर प्रति प्रति आई. जिससे भारत पर इंपोर्ट बिल काफी बढ़ गया.