February 23, 2026
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने एक पायलट प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है, जिसके तहत EPFO से जुड़े छोटे बैलेंस वाले इनऑपरेटिव खातों का पैसा अपने आप बैंक खाते में ट्रांसफर होगा.
जिन EPFO खातों में लगातार तीन साल तक कोई लेन-देन या योगदान नहीं हुआ है. ऐसे खातों में अगर बैलेंस ₹1,000 या उससे कम है, तो राशि सीधे लिंक्ड बैंक खाते में भेजी जाएगी.
इस नए सिस्टम में अकाउंट होल्डर को न तो क्लेम फाइल करना होगा और न ही कोई दस्तावेज जमा करना होगा. पूरा प्रोसेस ऑटोमैटिक होगा, जिससे समय और कागजी कार्रवाई दोनों बचेंगे.
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक करीब 7.11 लाख बंद खातों में ₹1,000 तक की राशि है. इन खातों में कुल मिलाकर लगभग ₹30.52 करोड़ जमा हैं.
जिन खातों में आधार लिंक है, उन्हें तुरंत भुगतान मिलेगा. बाकी खातों में राशि स्टेप बाय स्टेप तरीके से ट्रांसफर की जाएगी.
नौकरी बदलने के बाद डिटेल अपडेट न करना, गलत बैंक जानकारी, मोबाइल नंबर या पते में बदलाव, लंबे समय तक लेन-देन न होना या कर्मचारी की मृत्यु के बाद दावा न किया जाना- ये सभी कारण खाते को इनऑपरेटिव बना सकते हैं.