योगेंद्र यादव ने कहा कि विपक्ष के सामने बाहरी चुनौतियों के साथ उसकी अपनी कमजोरियां भी बड़ी समस्या हैं. उन्होंने विपक्षी दलों के बीच एकता की कमी और राज्यों के चुनाव में अलग-अलग रणनीति अपनाने को चुनौती बताया. यादव के मुताबिक, विपक्ष को सिर्फ बीजेपी का विरोध करने के बजाय देश के सामने अपना स्पष्ट एजेंडा और विजन रखना होगा. उन्होंने कहा कि जनता के असंतोष और विभिन्न मुद्दों पर हो रहे आंदोलनों से विपक्ष पर्याप्त रूप से नहीं जुड़ पा रहा है. बंगाल में कांग्रेस-TMC के अलग-अलग चुनाव लड़ने का उदाहरण देते हुए उन्होंने विपक्ष से तात्कालिक फायदे के बजाय दीर्घकालिक रणनीति बनाने की बात कही.