भारत से इस साल हज यात्रा के लिए एक ऐतिहासिक तस्वीर सामने आई है, जहां 44 मुस्लिम महिलाएं बिना 'महरम' के हज पर रवाना हुईं. दिल्ली से मदीना के लिए उनका यह सफर सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि बदलते सामाजिक नजरिए और महिलाओं के बढ़ते आत्मविश्वास का प्रतीक बन गया है. इस्लाम में 'महरम' उस पुरुष रिश्तेदार को कहा जाता है, जिससे महिला का विवाह नहीं हो सकता (जैसे पिता, भाई और बेटा). परंपरागत रूप से लंबी यात्राओं, खासकर हज के दौरान, महिलाओं के साथ महरम का होना जरूरी माना जाता था.