देश के कई हिस्सों में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से किसानों, उद्योगों और आम लोगों की चिंता बढ़ गई है. क्या एल नीनो इस बार भारतीय मानसून को प्रभावित कर रहा है? भारतीय मौसम विभाग के पूर्व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आनंद शर्मा ने बताया कि कमजोर लो-लेवल जेट, मैडेन-जूलियन ऑसिलेशन (MJO) का दबा हुआ चरण, लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और एल नीनो जैसे कई कारक मानसून की गति को प्रभावित कर रहे हैं. जानिए मानसून के सुस्त पड़ने की असली वजह क्या है, सुपर एल नीनो की स्थिति कितनी गंभीर है, आने वाले दिनों में बारिश को लेकर क्या संभावना है और इसका खेती, जल संकट तथा भारतीय अर्थव्यवस्था पर कितना असर पड़ सकता है.