राम मंदिर ट्रस्ट में पूर्व एयर वाइस मार्शल जितेंद्र मिश्रा को CEO बनाए जाने के बाद इस नियुक्ति को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है. बातचीत में डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि मंदिर की व्यवस्थाओं के लिए सैन्य अधिकारी की नियुक्ति का वह विरोध नहीं करते और उन्हें काम करने का मौका दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि राम मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं में कथित भ्रष्टाचार के आरोप गंभीर मुद्दा हैं और नए CEO को इसे सुधारने की दिशा में काम करना चाहिए. स्वामी ने यह भी कहा कि सेना में मिला अनुशासन और प्रशासनिक अनुभव मंदिर जैसी बड़ी व्यवस्था को संभालने में उपयोगी हो सकता है. विपक्ष और अन्य राजनीतिक नेताओं की ओर से यह सवाल उठाया जा रहा है कि मंदिर की जिम्मेदारी के लिए साधु-संतों या धार्मिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को प्राथमिकता क्यों नहीं दी गई. यूपी चुनाव से पहले राम मंदिर को लेकर राजनीतिक बयानबाजी के सवाल पर स्वामी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के लोग समझदार हैं और केवल राम मंदिर के मुद्दे से पूरा राज्य बदल जाएगा, ऐसा मानना सही नहीं है.