नाज़िया इलाही खान ने कट्टर इस्लामी विचारधारा, मदरसा शिक्षा और संप्रदायवाद पर गंभीर सवाल उठाया है. बहस में कुरान की व्याख्या, शिया–सुन्नी विभाजन, वहाबी प्रभाव और जिहादी मानसिकता जैसे मुद्दों पर खुलकर बात होती है. वीडियो में पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति, मुस्लिम युवाओं के वैचारिक कट्टरपंथीकरण और भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाम धार्मिक उग्रवाद की बहस को भी सामने रखा गया है. यह चर्चा स्थापित धारणाओं को चुनौती देती है और सुधार व संवाद की जरूरत पर जोर देती है.