मिडिल ईस्ट में जारी जंग अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुकी है. Iran अब सिर्फ Israel और United States से ही नहीं, बल्कि खाड़ी के अपने पड़ोसी देशों के तेल और गैस ठिकानों को भी निशाना बना रहा है. Saudi Arabia और United Arab Emirates की रिफाइनरियों पर हमलों ने वैश्विक ऊर्जा संकट को जन्म दे दिया है. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, सप्लाई चेन में बाधा और दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर असर- यह ‘एनर्जी वॉर’ कितना खतरनाक है? क्या ईरान दबाव बनाने के लिए यह रणनीति अपना रहा है? क्या वैश्विक कूटनीति पूरी तरह फेल हो चुकी है?