जम्मू कश्मीर में धारा 370 खत्म होने के बाद क्या फर्क आया. सिर्फ पत्थरबाजी खत्म हुई, ना कि आतंक का खौफ खत्म हुआ. कश्मीरी एक्टिविस्ट उत्पल कौल के जुबानी 36 साल पुरानी कहानी, जिन्होंने 1990 में शुरू हुआ पूरा कत्लेआम देखा था. उस वक्त कश्मीरी पंडितों ने किसी तरह अपनी जान बचाई. 36 साल बाद भी आज ना तो घर रहे ना वहां रहने वाले .