उत्तर प्रदेश की सियासत में कैराना का हसन परिवार कोई नया नाम नहीं है. इकरा हसन भले ही पहली बार लोकसभा पहुंची हों, लेकिन उनका राजनीतिक परिवार कई दशकों से पश्चिमी यूपी की राजनीति में सक्रिय रहा है. अब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इकरा हसन के एक बयान ने सपा और कांग्रेस के बीच चल रही खींचतान को फिर सामने ला दिया है. इकरा ने कहा कि यूपी में बीजेपी का मुकाबला करने के लिए अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सपा ही सक्षम है और गठबंधन टूटने की स्थिति में कांग्रेस को नुकसान हो सकता है. इस बयान पर कांग्रेस नेता असीम वकार ने पलटवार करते हुए इकरा हसन के राजनीतिक अनुभव पर सवाल उठाया और कहा कि कांग्रेस के साथ गठबंधन की वजह से ही वह सांसद बनीं.