मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान-इजराइल संघर्ष और उसमें अमेरिका की संभावित भूमिका पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा सवाल बन गई है. अगर हालात और बिगड़ते हैं तो इसका सीधा असर सोना, चांदी, कच्चे तेल और डॉलर जैसी वैश्विक संपत्तियों की कीमतों पर पड़ सकता है. इस खास बातचीत में आर्थिक विशेषज्ञ डॉ. शरद कोहली बताते हैं कि अगर स्थिति तीसरे विश्वयुद्ध जैसे संकट की ओर बढ़ती है तो भारत की अर्थव्यवस्था, व्यापार और निवेश पर क्या असर होगा. साथ ही वे यह भी समझाते हैं कि ऐसे अनिश्चित समय में निवेशकों को कौन-सी रणनीति अपनानी चाहिए और भारत अपनी आर्थिक स्थिरता को कैसे बनाए रख सकता है.