मध्य पूर्व में जारी संघर्ष का असर अब साफ तौर पर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दिखाई देने लगा है. Iran और Israel के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है, जिससे दुनिया भर के बाजारों में अनिश्चितता का माहौल बन गया है. इसका असर भारत के शेयर बाजार पर भी पड़ रहा है. विदेशी निवेशक यानी एफपीआई/एफआईआई लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं. पिछले कुछ ही ट्रेडिंग सत्रों में भारतीय बाजार से हजारों करोड़ रुपये की निकासी हो चुकी है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है. इस खास बातचीत में अंतरराष्ट्रीय बाजार विशेषज्ञ Sharad Kohli बताते हैं कि आखिर विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से पैसा क्यों निकाल रहे हैं, इसका भारतीय शेयर बाजार पर क्या असर पड़ेगा, और क्या कच्चे तेल की कीमतें 150 से 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं.