Begin typing your search...

सावन में अपनी ससुराल क्यों आते हैं भगवान भोलेनाथ? जानिए कनखल के दक्षेश्वर महादेव मंदिर की पूरी कहानी

X

हरिद्वार के कनखल में स्थित दक्षेश्वर महादेव मंदिर का संबंध भगवान शिव, माता सती और राजा दक्ष की पौराणिक कथा से माना जाता है. मान्यता है कि राजा दक्ष ने कनखल में एक बड़ा यज्ञ कराया था, जिसमें भगवान शिव को आमंत्रित नहीं किया गया था. पिता के यज्ञ में शिव का अपमान देखकर माता सती बेहद दुखी हुईं और उन्होंने यज्ञ की अग्नि में अपने प्राण त्याग दिए. माता सती के आत्मदाह से भगवान शिव क्रोधित हुए और उनकी क्रोधाग्नि से वीरभद्र के प्रकट होने की कथा मिलती है. मंदिर परिसर में मौजूद शिवलिंग और यज्ञ कुंड को इसी पौराणिक प्रसंग से जोड़कर देखा जाता है. कनखल को भगवान शिव की ससुराल माना जाता है, क्योंकि माता सती राजा दक्ष की पुत्री थीं. धार्मिक मान्यता है कि सावन में भगवान शिव माता पार्वती के साथ कनखल आते हैं, इसलिए इस दौरान मंदिर में विशेष पूजा और दर्शन का महत्व बढ़ जाता है. सावन में देशभर से श्रद्धालु दक्षेश्वर महादेव पहुंचकर जलाभिषेक करते हैं और भोलेनाथ से सुख-समृद्धि की कामना करते हैं.


सावन
अगला लेख