कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि आज देश का हर नागरिक यह सोच रहा है कि कहीं उसका वोट चोरी तो नहीं हो गया. उन्होंने दावा किया कि कई बीजेपी समर्थकों ने भी उनसे कहा है कि उन्होंने वोट बीजेपी को दिया था, लेकिन उन्हें शक है कि उनका वोट मैनिपुलेट हुआ है. उन्होंने कहा कि जब लोगों के मन में अपने वोट को लेकर शक पैदा हो जाए तो सरकार की नैतिकता पर भी सवाल खड़े होते हैं. SIR को लेकर उन्होंने कहा कि हर वोट मैनिपुलेट नहीं होता, लेकिन जहां जीत-हार का अंतर 3 हजार, 5 हजार, 10 हजार या 20 हजार वोट का हो, वहां थोड़ी गड़बड़ी भी नतीजे पर असर डाल सकती है. उन्होंने विपक्षी एकजुटता पर कहा कि आज राहुल गांधी जहां नजर डाल रहे हैं, वहां विपक्ष के नेता साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं. उनके मुताबिक, पहले जो लोग राहुल गांधी की बातों पर हंसते थे, आज वही उनके साथ खड़े होने की कोशिश कर रहे हैं. संदीप दीक्षित ने यह भी कहा कि चुने हुए सांसदों को चुनाव आयोग से मिलने का अधिकार होना चाहिए, लेकिन अब चुनाव आयोग पर लोगों का भरोसा कम हो गया है और उसकी साख पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. उन्होंने कहा कि अब विपक्ष को चुनाव की तैयारी करनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर सड़कों पर उतरकर संघर्ष जारी रखना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन ने देश के सामने यह संदेश दिया है कि ‘वोट चोरी’ आने वाले चुनावों में बड़ा मुद्दा है और SIR को लेकर विपक्ष पूरी तरह लामबंद होकर सड़क पर उतर चुका है.