CJP के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली यूनिवर्सिटी, जेएनयू और अन्य संस्थानों से आए छात्रों और युवाओं ने NEET पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, बेरोजगारी और सरकारी जवाबदेही जैसे मुद्दों को लेकर अपनी बात रखी. प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियां छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर रही हैं और शिक्षा क्षेत्र में ठोस सुधारों की जरूरत है. कुछ छात्रों ने लोकतांत्रिक अधिकारों, आलोचना के लिए खुला माहौल और युवाओं की आवाज सुने जाने की आवश्यकता पर जोर दिया, जबकि अन्य ने देश में शिक्षा, रोजगार, पानी, प्रेस स्वतंत्रता और शासन व्यवस्था से जुड़े व्यापक मुद्दों का भी उल्लेख किया. बातचीत के दौरान कई प्रतिभागियों ने कहा कि वे किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि छात्रों और आम नागरिकों के हितों की आवाज उठाने के लिए प्रदर्शन में शामिल हुए हैं.