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BJP मंत्री रेखा आर्य ने पति पर लगाए गंभीर आरोप, कई महिलाओं से संबंध; सबूत शेयर कर FIR, फूट-फूटकर रोने का वीडियो वायरल

उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्या ने पति गिरधारी लाल साहू पर घरेलू हिंसा, जान से मारने की धमकी और हत्या की साजिश के आरोप लगाए हैं. जानिए पूरा मामला.

BJP मंत्री रेखा आर्य ने पति पर लगाए गंभीर आरोप, कई महिलाओं से संबंध; सबूत शेयर कर FIR, फूट-फूटकर रोने का वीडियो वायरल
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उत्तराखंड की राजनीति से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने महिला सुरक्षा और घरेलू हिंसा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. राज्य की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. मंत्री ने पति पर घरेलू हिंसा, जान से मारने की धमकी देने और उनकी हत्या की साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने अपने नाबालिग बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है.

रेखा आर्या के मुताबिक, एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सुनने के बाद उन्होंने पुलिस तक पहुंचने का फैसला किया. उन्होंने देहरादून के कैंटोनमेंट थाने में शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने 2 मिनट 30 सेकेंड का एक वीडियो जारी किया है जिसमें अपने शादी शुदा जीवन को लेकर हैरान कर देने वाले खुलासे किए हैं और अपने पति को लेकर हैरान कर देने वाला दावा किया है.

कौन हैं रेखा आर्या?

रेखा आर्या उत्तराखंड की BJP की सीनियर नेताओं में शामिल हैं. वह अल्मोड़ा जिले की सोमेश्वर विधानसभा सीट से विधायक हैं और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं. उनके पास महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले, खेल तथा युवा कल्याण जैसे विभागों की जिम्मेदारी है. राज्य सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उन्हें इन विभागों की मंत्री के रूप में सूचीबद्ध किया गया है. रेखा आर्या का राजनीतिक सफर पंचायत स्तर से शुरू हुआ. साल 2003 में उन्होंने अल्मोड़ा जिले में जिला पंचायत का चुनाव जीता था. इसके बाद उन्होंने विधानसभा की राजनीति में कदम रखा. वर्ष 2012 में उन्होंने सोमेश्वर सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा, लेकिन जीत नहीं सकीं.

साल 2014 में सोमेश्वर सीट खाली होने के बाद हुए उपचुनाव में रेखा आर्या कांग्रेस के टिकट पर मैदान में उतरीं और विधायक बनीं. वर्ष 2016 में उत्तराखंड की राजनीति में उठापटक के दौरान उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का साथ दिया. इसके बाद 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में भी उन्होंने सोमेश्वर सीट से जीत दर्ज की. रेखा आर्या ने कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल से पढ़ाई की है. उनके चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उन्होंने बीएड और एमकॉम की पढ़ाई की है. राजनीति में आने से पहले उनका पेशा शिक्षण बताया गया था.

पति पर क्या-क्या आरोप लगाए?

रेखा आर्या ने अपनी शिकायत में बताया कि उनकी शादी गिरधारी लाल साहू से 6 जुलाई 2004 को हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार हुई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि शादी के समय उनके पति ने अपनी पहली शादी की जानकारी छिपाई थी और खुद को अविवाहित बताया था. मंत्री का कहना है कि उन्हें कई साल बाद पता चला कि उनके पति पहले से शादीशुदा थे और उस विवाह से उनके बच्चे भी थे. शिकायत के मुताबिक, उस समय तक उनके अपने बच्चे भी हो चुके थे. परिवार की सलाह और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने इस मामले पर चुप रहना बेहतर समझा.

मंत्री ने आगे आरोप लगाया कि हाल के समय में उनके पति का व्यवहार बदल गया और उन्हें दूसरी महिलाओं के साथ उनके कथित संबंधों की जानकारी मिली. शिकायत के अनुसार, जब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई तो पति ने कथित तौर पर अपनी गलती स्वीकार करते हुए मौखिक और लिखित रूप से माफी मांगी. हालांकि, रेखा आर्या का आरोप है कि इसके बावजूद यह सिलसिला जारी रहा.

मारपीट और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप

रेखा आर्या ने शिकायत में आरोप लगाया कि पति के कथित संबंधों पर आपत्ति जताने के बाद उनके साथ मारपीट की गई, गाली-गलौज हुई और जान से मारने की धमकियां दी गईं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके सरकारी आवास पर कई मौकों पर उनके लिए जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया. मंत्री ने अपनी शिकायत में कहा है कि वह अनुसूचित जाति समुदाय से आती हैं, जबकि उनके पति अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति समुदाय से नहीं हैं. ये आरोप शिकायत में दर्ज किए गए हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि और जांच की स्थिति अलग से सामने आनी बाकी है.

ऑडियो रिकॉर्डिंग सुनने के बाद पुलिस पहुंचीं मंत्री

इस मामले में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी अहम है. रेखा आर्या का आरोप है कि उन्हें एक ऐसी रिकॉर्डिंग मिली, जिसमें उनके पति एक महिला से बात करते हुए कथित तौर पर उनकी हत्या की साजिश की चर्चा कर रहे हैं. इसी रिकॉर्डिंग को सुनने के बाद उन्होंने अपनी और अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई. सोशल मीडिया पर जारी वीडियो संदेश में रेखा आर्या भावुक नजर आईं. उन्होंने कहा कि ऑडियो ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया और उनके वैवाहिक जीवन तथा रिश्ते को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए. उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के लिए उन्हें दर्द के बीच पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का फैसला लेना पड़ा. मंत्री ने महिलाओं से भी अपील की कि वे चाहे आम महिला हों या किसी बड़े पद पर हों, घरेलू हिंसा को सहन न करें और उसके खिलाफ आवाज उठाएं. उन्होंने कहा कि निजी मुश्किलों के बावजूद वह संविधान के अनुसार अपनी जिम्मेदारियां निभाती रहेंगी.

फर्जी हस्ताक्षर और कंपनी के दस्तावेजों का भी आरोप

रेखा आर्या ने अपने पति पर कंपनी से जुड़े दस्तावेजों में कथित जालसाजी करने का आरोप भी लगाया है. शिकायत के अनुसार, कुछ कंपनियों में उन्हें निदेशक पद से हटाने के लिए दस्तावेज जमा किए गए, जिन पर उनके हस्ताक्षर होने का दावा किया गया. मंत्री का कहना है कि उन्होंने ऐसे किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं किए और न ही अपने पद से इस्तीफा दिया. उन्होंने पुलिस से मामले की जांच करने, एफआईआर दर्ज करने और अपने तथा बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है.

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