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'जितने भी BJP के ठरकी नेता हैं, बाहर आओ, मैं दूंगी सर्विस'; Ankita Bhandari Murder में बवाल जारी- देखें Protest के Video

अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर देशभर में गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है. विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला ने BJP नेताओं को निशाना बनाते हुए आपत्तिजनक नारा लगाया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस बयान को लेकर सियासी हलकों में भी हलचल तेज हो गई है. प्रदर्शनकारियों ने आरोपी को सख्त सजा देने की मांग की और सरकार पर मामले को दबाने के आरोप लगाए. पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने की बात कही है.

जितने भी BJP के ठरकी नेता हैं, बाहर आओ, मैं दूंगी सर्विस; Ankita Bhandari Murder में  बवाल जारी- देखें Protest के Video
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( Image Source:  Social Media )
सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी

Published on: 3 Jan 2026 5:18 PM

Ankita Bhandari Murder Case: उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर सियासी और सामाजिक माहौल गरमा गया है. राज्यभर में CBI जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन तेज हो गए हैं, वहीं देहरादून में बड़ी रैली और विरोध प्रदर्शन की तैयारी चल रही है. इस बीच धामी सरकार की ओर से बड़ा बयान सामने आया है, जिसमें कहा गया है कि अगर ठोस और विश्वसनीय सबूत दिए जाते हैं तो सरकार किसी भी जांच के लिए तैयार है.

वन एवं पर्यावरण मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता सुबोध उनियाल ने शुक्रवार को साफ कहा कि जो लोग आरोप लगा रहे हैं, उन्हें प्रमाण सामने रखने चाहिए. सरकार न सिर्फ जांच के लिए तैयार है, बल्कि सबूत देने वालों को पूरी सुरक्षा भी दी जाएगी.

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‘बिना सबूत कार्रवाई से दोषियों को मिल सकता है फायदा’- सुबोध उनियाल

देहरादून में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने SIT जांच को सही ठहराते हुए पहले ही CBI जांच से इनकार कर दिया है. ऐसे में अगर केवल अप्रमाणित आरोपों के आधार पर कार्रवाई की जाती है, तो इससे दोषी करार दिए जा चुके लोगों को कानूनी फायदा मिल सकता है.” उन्होंने कहा कि पूरा राज्य इस जघन्य हत्या से आहत है और सरकार ने शुरू से ही इस मामले को गंभीरता से लिया.

महिला DIG की अगुवाई में SIT, दोषियों को उम्रकैद

सुबोध उनियाल ने बताया कि धामी सरकार ने घटना के तुरंत बाद महिला DIG के नेतृत्व में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया था. उन्होंने कहा कि “सभी फॉरेंसिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटाए गए. पीड़ित परिवार की सहमति से मुकदमे की ऐसी पैरवी की गई कि आरोपियों को जमानत तक नहीं मिली और अंततः उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई.”

CBI जांच की मांग पर सरकार की दो टूक

लगातार हो रहे प्रदर्शनों पर मंत्री ने कहा कि “जो लोग सोशल मीडिया पर आरोप लगा रहे हैं, वे सामने आएं और सबूत दें. सरकार उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी. अगर किसी के पास ठोस प्रमाण हैं और उसमें रत्ती भर भी सच्चाई पाई जाती है, तो सरकार जांच से पीछे नहीं हटेगी.”

VIP एंगल पर फिर बवाल, ऑडियो क्लिप से उठा विवाद

इस केस में नया मोड़ तब आया जब पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की पत्नी उर्मिला सनावर ने दावा किया कि अंकिता से यौन संबंध की मांग करने वाला एक VIP, पार्टी का वरिष्ठ नेता “गट्टू” था. उन्होंने एक ऑडियो क्लिप जारी की, जिसमें कथित तौर पर VIP के तौर पर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम और एक अन्य वरिष्ठ नेता का नाम लिया गया. हालांकि, सुरेश राठौर ने इस ऑडियो को AI-जनरेटेड बताते हुए इसे पार्टी को बदनाम करने की साजिश करार दिया, जबकि दुष्यंत गौतम ने किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया है.

अंकिता की हत्या और पृष्ठभूमि

19 वर्षीय अंकिता भंडारी की कथित तौर पर वनंतरा रिज़ॉर्ट के मैनेजर पुलकित आर्य ने हत्या की थी. पुलकित आर्य, भाजपा के पूर्व नेता विनोद आर्य का बेटा है. अंकिता का शव 24 सितंबर 2022 को ऋषिकेश की नहर से बरामद हुआ था, वह छह दिन से लापता थी. हत्या के बाद विनोद आर्य को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था. WhatsApp चैट्स से संकेत मिले थे कि अंकिता पर यौन दबाव बनाया जा रहा था.

तीनों अदालतों ने SIT जांच को माना सही

सुबोध उनियाल ने दावा किया कि ट्रायल कोर्ट, उत्तराखंड हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट- तीनों ने SIT जांच को सही और सक्षम माना है. उनका कहना था. 'तीनों अदालतों ने माना कि किसी VIP को बचाने की कोशिश नहीं हुई और जांच में किसी VIP की भूमिका नहीं पाई गई. पीड़ित परिवार की सहमति से नियुक्त स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर ने केस लड़ा और परिवार ने जांच पर कोई आपत्ति नहीं जताई.”

कांग्रेस का पलटवार: सरकार की जिम्मेदारी से भागना

कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने सरकार के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर लोगों को ही सबूत लाने हैं तो फिर सरकार और जांच एजेंसियां क्यों हैं? यह हास्यास्पद है कि सत्ताधारी दल अपने ही नेता की पत्नी के आरोपों की जिम्मेदारी जनता पर डाल रहा है.” उन्होंने कहा कि जब आरोप वरिष्ठ भाजपा नेताओं पर लग रहे हैं, तो पार्टी को खुद आगे आकर सच्चाई सामने रखनी चाहिए. 'त्रिवेंद्र रावत और विजया बार्थवाल जैसे नेता भी जांच की मांग कर चुके हैं, सरकार को अपने ही नेताओं की सुननी चाहिए.'

इस पूरे विवाद के बीच BJP युवा मोर्चा के जिला मंत्री अंकित बहुखंडी ने ऋषिकेश से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने लिखा कि “VIP लोगों के नाम आ रहे हैं और मेरी पार्टी तमाशा देख रही है, यह देखकर मुझे शर्म आ रही है.” वहीं, एक्ट्रेस उर्मिला के नाम से देहरादून SSP को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि ऑडियो सामने लाने के बाद उनकी जान को खतरा है. पत्र में चेतावनी दी गई है कि अगर उन्हें कुछ होता है तो जिम्मेदारी पुलिस और नामजद नेताओं की होगी. नागरिक समाज और विपक्षी दलों ने 4 जनवरी को मुख्यमंत्री आवास के बाहर बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है. CBI जांच और VIP एंगल की निष्पक्ष जांच की मांग अब और तेज होती दिख रही है.

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