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Magh Mela 2026: हर हर गंगे के जयकारों से गूंजी संगम नगरी, एकादशी पर प्रयागराज में एकजुट हुए श्रद्धालु | Video

प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के दौरान एकादशी के पावन अवसर पर संगम घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. तड़के से ही भक्त त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान के लिए पहुंचे और गंगा, यमुना व सरस्वती के संगम में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया. प्रशासन की ओर से सुरक्षा, स्वास्थ्य और यातायात के पुख्ता इंतजाम किए गए. ड्रोन से सामने आए भव्य दृश्य माघ मेले की आध्यात्मिक भव्यता और श्रद्धा की शक्ति को दर्शाते हैं.

Magh Mela 2026: हर हर गंगे के जयकारों से गूंजी संगम नगरी, एकादशी पर प्रयागराज में एकजुट हुए श्रद्धालु | Video
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( Image Source:  ANI )
नवनीत कुमार
Edited By: नवनीत कुमार

Updated on: 14 Jan 2026 9:31 AM IST

प्रयागराज में जारी माघ मेले के बीच एकादशी का दिन श्रद्धा और विश्वास का महापर्व बनकर उभरा. तड़के से ही संगम घाट की ओर श्रद्धालुओं का रेला बढ़ता गया और त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाने का सिलसिला देर तक चलता रहा. गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में स्नान को पुण्यदायी मानते हुए भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की. घाटों पर “हर-हर गंगे” के जयघोष गूंजते रहे और पूरा इलाका भक्तिमय ऊर्जा से भर गया. यह दृश्य प्रयागराज की धार्मिक परंपरा और जीवंत आस्था का सशक्त प्रमाण बना.

माघ मेला क्षेत्र में संतों, कल्पवासियों और देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने माहौल को विशेष बना दिया. कल्पवासी अपने नियमों के अनुसार साधना में लीन दिखे, वहीं परिवारों के साथ आए श्रद्धालु संगम स्नान के बाद दान-पुण्य करते नजर आए. मेले में भजन-कीर्तन, प्रवचन और साधु-संतों के सान्निध्य ने आध्यात्मिक अनुभूति को और गहरा किया. यह मेला केवल आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति का जीवंत उत्सव प्रतीत हुआ.

प्रशासन की तैयारी: सुरक्षा से सुविधा तक

भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए थे. घाटों पर अतिरिक्त पुलिस बल, स्वास्थ्य टीमें और स्वयंसेवक तैनात रहे ताकि किसी को असुविधा न हो. ड्रोन और सीसीटीवी के जरिए भीड़ पर नजर रखी गई, जिससे यातायात और स्नान व्यवस्था सुचारु बनी रही. प्रशासन की सक्रियता से श्रद्धालुओं ने सुरक्षित और व्यवस्थित स्नान का अनुभव किया.

सिर्फ प्रयागराज नहीं, हर तीर्थ पर आस्था का सैलाब

एकादशी और मकर संक्रांति के अवसर पर आस्था की यह लहर केवल प्रयागराज तक सीमित नहीं रही. अयोध्या में सरयू नदी के तट पर भक्तों ने पवित्र स्नान कर भगवान राम की आराधना की. वहीं उत्तराखंड के हरिद्वार में हर की पौड़ी पर गंगा स्नान के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें दिखीं. देश के प्रमुख तीर्थों पर एक साथ उमड़ी भीड़ ने पर्व की व्यापकता को दर्शाया.

ड्रोन से दिखा आस्था का विराट रूप

संगम घाट के ड्रोन दृश्यों ने माघ मेले की भव्यता को और स्पष्ट किया. ऊपर से दिखता श्रद्धालुओं का सागर यह बताने के लिए काफी था कि आस्था किस तरह लोगों को एक सूत्र में बांधती है. नदी की धाराओं में उतरते श्रद्धालु, घाटों पर खड़े संत और तट पर उमड़ा जनसमूह हर दृश्य अद्भुत था. ये दृश्य आने वाले समय में माघ मेले की पहचान बन सकते हैं.

आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर प्रयागराज

माघ मेले के दौरान प्रयागराज केवल एक शहर नहीं, बल्कि आध्यात्मिक केंद्र बन जाता है. एकादशी के स्नान ने इस ऊर्जा को और प्रखर कर दिया, जहां हर व्यक्ति आस्था में लीन नजर आया. श्रद्धा, अनुशासन और परंपरा का यह संगम भारतीय धार्मिक चेतना की गहराई को दर्शाता है. माघ मेले की यह झलक बताती है कि आस्था आज भी लोगों के जीवन का मजबूत आधार बनी हुई है.

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