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CJP Protest: पार्क में बैठी भाजपा विधायक की बेटी को उठा ले गई दिल्ली पुलिस, कभी बीफ खाने और मुस्लिम BF को लेकर भी रह चुकी हैं विवादों में

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन के बीच पूर्व बीजेपी विधायक विक्रम सिंह की बेटी यशस्वी राजे सिंह ने हिरासत में लिए जाने का दावा किया. जिसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया (X) पर क्या कुछ कहा आइए जानते हैं...

CJP Protest: पार्क में बैठी भाजपा विधायक की बेटी को उठा ले गई दिल्ली पुलिस, कभी बीफ खाने और मुस्लिम BF को लेकर भी रह चुकी हैं विवादों में
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सागर द्विवेदी
सागर द्विवेदी7 Mins Read

Updated on: 10 Oct 2026 4:08 PM IST

दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन के बीच यशस्वी राजे सिंह का नाम भी चर्चा में आ गया है. उत्तर प्रदेश के पूर्व बीजेपी विधायक विक्रम सिंह की बेटी यशस्वी को दिल्ली पुलिस ने बंगला साहिब के पास एक पार्क से हिरासत में लिया. उन्होंने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी देते हुए दावा किया कि उन्हें पार्क में बैठने के कारण हिरासत में लिया गया और फिलहाल केशवपुरम पुलिस स्टेशन में रखा गया है.

यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यशस्वी पहले भी छात्र आंदोलनों के दौरान सुर्खियों में रही हैं. जून-जुलाई में कथित पेपर लीक के मुद्दे पर तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों में उन्होंने सक्रिय समर्थन दिया था. उस दौरान भी उनका जुड़ाव कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के अभियान से सामने आया था.

कौन हैं यशस्वी राजे सिंह?

यशस्वी राजे सिंह उत्तर प्रदेश के पूर्व बीजेपी विधायक विक्रम सिंह की बेटी हैं. उनके पिता फतेहपुर सदर विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और प्रदेश की राजनीति में बीजेपी के प्रमुख नेताओं में गिने जाते रहे हैं. हालांकि, यशस्वी की अपनी पहचान राजनीतिक परिवार से होने के साथ-साथ छात्र आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों में भागीदारी को लेकर भी बनी है.

यशस्वी उस समय चर्चा में आई थीं, जब जून-जुलाई में कथित पेपर लीक के मुद्दे पर छात्र तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे. उन्होंने इस अभियान का समर्थन किया था. इसी दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़े आंदोलन में उनकी सक्रियता भी सामने आई. वहीं इनका कहना है कि हमें विवादों में रहना पंसद है तो इसी के साथ इसके पहले ये ब्रीफ खाने और मुस्लिम BF समेत पाकिस्तानी कनेक्शन को लेकर कई बार सुर्खियों में आ चुकी है.

यशस्वी राजे सिंह को दिल्ली पुलिस ने क्यों हिरासत में लिया?

यशस्वी राजे सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करके अपनी हिरासत की जानकारी दी. उन्होंने लिखा कि उन्हें बंगला साहिब के पास एक पार्क में बैठने के कारण हिरासत में लिया गया है. उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें केशवपुरम पुलिस स्टेशन में रखा गया है.

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई, जब दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी थी. कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया था. प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें.

हालांकि, यशस्वी की पोस्ट के मुताबिक, उनकी हिरासत की वजह पार्क में बैठना बताई गई. उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट नहीं है कि पुलिस ने उन्हें सीधे CJP के प्रदर्शन में शामिल होने के कारण हिरासत में लिया था या उस समय लागू प्रतिबंधों के तहत कार्रवाई की थी. इस संबंध में पुलिस की विस्तृत आधिकारिक सफाई सामने आना जरूरी है.

क्या यशस्वी CJP के समर्थन में प्रदर्शन कर रही थीं?

यशस्वी पहले CJP से जुड़े अभियान का समर्थन कर चुकी हैं. जून-जुलाई में पेपर लीक के मुद्दे पर हुए छात्र प्रदर्शनों के दौरान उनकी सक्रियता सामने आई थी. लेकिन शनिवार को बंगला साहिब के पास पार्क में हिरासत में लिए जाने के मामले में उन्होंने जो जानकारी साझा की, उसमें खुद को प्रदर्शन स्थल पर मौजूद बताने के बजाय पार्क में बैठने की बात कही. इसलिए यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि उन्हें निश्चित रूप से CJP के प्रदर्शन में भाग लेने के कारण ही हिरासत में लिया गया. उनके पुराने आंदोलनकारी जुड़ाव और मौजूदा मामले की परिस्थितियों को अलग-अलग समझना जरूरी है.

दिल्ली में CJP के प्रदर्शन से पहले सुरक्षा क्यों बढ़ाई गई?

दिल्ली में शनिवार को CJP के प्रदर्शन को देखते हुए बड़े स्तर पर सुरक्षा इंतजाम किए गए. उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के 40,000 से अधिक जवानों को तैनात किया गया था. जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग की गई और कई रास्तों पर आवाजाही नियंत्रित की गई.

प्रदर्शनकारी SIR के दौरान मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे. प्रशासन की ओर से लागू प्रतिबंधों के तहत जमावड़े, जुलूस और सड़क जाम जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए भी चेतावनी दी जा रही थी. इसी दौरान CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके और सह-संयोजक सौरव दास सहित कई नेताओं को हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आईं. CPI(M) के नेताओं और AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी गई.

यशस्वी राजे सिंह का मामला क्यों चर्चा में है?

यशस्वी का मामला इसलिए चर्चा में आया क्योंकि वह एक पूर्व बीजेपी विधायक की बेटी हैं और पहले भी छात्र आंदोलनों में अपनी भागीदारी को लेकर सुर्खियों में रह चुकी हैं. इस बार उनकी हिरासत ऐसे प्रदर्शन के दौरान हुई, जिसमें चुनाव आयोग और SIR की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं. फिलहाल मिली जानकारी के आधार पर इतना कहा जा सकता है कि यशस्वी ने खुद अपनी हिरासत की पुष्टि की और दावा किया कि उन्हें पार्क में बैठने के कारण हिरासत में लिया गया. उन्हें हिरासत में लेने के पीछे पुलिस का विस्तृत पक्ष, उनकी रिहाई की स्थिति और उस समय उनकी सटीक गतिविधियों की स्वतंत्र पुष्टि होने पर ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी.

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