मेहंदीपुर बालाजी में हंगामा, बस-कार टक्कर बनी खूनी झड़प, बस ड्राइवर ने जमकर की मारपीट, महिलाओं को भी नहीं बख्शा
राजस्थान के धार्मिक स्थल मेहंदीपुर बालाजी में हुई एक घटना ने श्रद्धालुओं की आस्था के बीच अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया. बस ने कार को टक्कर मार दी, जिसके बाद बस ड्राइवर ने लोगों के साथ जमकर मारपीट की. इतना ही नहीं, उन्होंने महिलाओं को भी नहीं बख्शा.
राजस्थान के मेहंदीपुर बालाजी में उस समय हंगामा मच गया, जब एक बस और कार के बीच हुई टक्कर ने अचानक हिंसक रूप ले लिया. दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं और बस सवारों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते झड़प में बदल गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
आरोप है कि बस ड्राइवक और उसके साथियों ने गुस्से में आकर श्रद्धालुओं के साथ मारपीट की, जिसमें महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया. इस घटना से लोगों में आक्रोश फैल गया है, वहीं पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जा रही है.
कैसे हुआ पूरा हादसा?
घटना एमएनपी पब्लिक स्कूल के सामने रात करीब 9 बजे की बताई जा रही है. जानकारी के अनुसार, मेहंदीपुर बालाजी दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं की एक कार को स्लीपर बस ने पीछे लेते समय टक्कर मार दी. बताया जा रहा है कि बस नो एंट्री क्षेत्र में प्रवेश कर चुकी थी, जिसके चलते यह हादसा हुआ.
टक्कर के बाद बढ़ा विवाद
टक्कर लगने के बाद कार सवार श्रद्धालुओं ने बस चालक से विरोध जताया. लेकिन मामला शांत होने के बजाय तेजी से बढ़ गया. आरोप है कि बस में सवार चालक और अन्य लोगों ने गुस्से में आकर श्रद्धालुओं के साथ मारपीट शुरू कर दी. देखते ही देखते विवाद हिंसक झड़प में बदल गया और मौके पर अफरा-तफरी मच गई.
महिलाओं के साथ भी मारपीट का आरोप
सबसे गंभीर बात यह रही कि झगड़े के दौरान महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया. जब कार में मौजूद महिला श्रद्धालुओं ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई. इस घटना से मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया.
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना की सूचना मिलते ही मेहंदीपुर बालाजी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया. पुलिस ने बस को जब्त कर लिया है और उसमें सवार कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है. अधिकारियों के अनुसार, पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है ताकि घटना की असली वजह और जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा सके.
धार्मिक स्थल पर हुई इस हिंसक घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोग दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और श्रद्धालुओं की आस्था सुरक्षित रह सके.




