थप्पड़ का बदला चाकू से, नाबालिग ने 10वीं के छात्र पर 30 सेकेंड में किए 27 वार; 2 उंगलियां भी कटी
भोपाल के टीला जमालपुरा स्थित स्नूकर क्लब में 16 वर्षीय छात्र पर दो नाबालिगों ने 30 सेकंड में 27 वार कर दिए. CCTV वायरल होने के बाद पुलिस जांच तेज, शुरुआती FIR पर उठ रहे सवाल.
Bhopal Snooker Club Attack
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक दिल दहला देने वाली घटना ने शहर को झकझोर दिया है. टीला जमालपुरा स्थित गणेश चौक के एक स्नूकर क्लब में 16 वर्षीय कक्षा 10 के छात्र पर दो नाबालिगों ने चाकू और छुरी से ताबड़तोड़ हमला कर दिया. महज 30 सेकंड में 27 वार किए गए.
इस सनसनीखेज हमले का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पूरे शहर में आक्रोश है. वीडियो में आरोपी कथित तौर पर फिल्मी अंदाज में क्लब में दाखिल होते और अचानक हमला करते नजर आ रहे हैं. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
घटना कब और कहां हुई?
पुलिस के मुताबिक, वारदात 15 फरवरी की रात भोपाल के गणेश चौक इलाके में स्थित एक स्नूकर क्लब में हुई. घायल छात्र गौतम नगर थाना क्षेत्र का निवासी है और रोजाना क्लब में पूल गेम खेलने आता था.
हमलावर कौन थे और क्या था उनका संबंध?
जांच में सामने आया आया कि हमला करने वाले दोनों आरोपी भी 16 वर्षीय कक्षा 10 के छात्र हैं. वे पीड़ित के परिचित थे और उसी कोचिंग सेंटर में पढ़ते हैं. बताया जा रहा है कि पूल गेम में सम्मान को ठोस पहुंचने को लेकर कुछ दिन पहले दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था. कथित तौर पर उस दौरान घायल छात्र ने आरोपियों को थप्पड़ मार दिया था. इसी रंजिश में बदला लेने की नीयत से हमले का प्लान किया.
हमला कैसे किया गया?
सीसीटीवी फुटेज में दिखता है कि दोनों आरोपी प्लान के तहत अवैध तरीके से क्लब के अंदर जाते हैं. अंदर आते ही वे छात्र को घेर लेते हैं और चाकू व धारदार हथियार से लगातार वार करना शुरू कर देते हैं. करीब आधे मिनट में 27 बार हमला किया गया. अचानक हुए इस हमले से वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए. वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए.
पीड़ित की हालत कैसी है?
हमले में छात्र को गंभीर चोटें आई हैं. उसकी एक कलाई पर 10 से अधिक गहरे कट लगे हैं, जबकि दूसरे हाथ की दो उंगलियां कट गईं. कंधे और पीठ पर भी गहरे घाव हैं. गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद छात्र किसी तरह हमलावरों से बचकर बाहर निकलने में सफल रहा. उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है.
पुलिस की कार्रवाई पर क्यों उठ रहे सवाल?
पुलिस ने शुरुआत में साधारण मारपीट की धाराओं में एफआईआर दर्ज की. दोनों नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लेने के बाद नोटिस देकर छोड़ दिया गया. सब इंस्पेक्टर मनिपाल सिंह भदौरिया के अनुसार, मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद धाराओं में बदलाव किया जा सकता है. हालांकि, गंभीर हमले के बावजूद आरोपियों को नोटिस देकर छोड़ने पर सवाल उठ रहे हैं.
हमले के पीछे क्या थी असली वजह?
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि पूल गेम के दौरान वर्चस्व को लेकर दोनों पक्षों में पहले भी तनातनी हो चुकी थी. उसी विवाद ने बदले की भावना को जन्म दिया, जिसने इस हिंसक घटना का रूप ले लिया.
बढ़ता किशोर अपराध, गंभीर संकेत
यह घटना किशोरों में बढ़ती आक्रामकता और हिंसक प्रवृत्ति की ओर इशारा करती है. सोशल मीडिया पर वायरल सीसीटीवी फुटेज ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है. फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी.




