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गांव-गांव गूंजने वाली आवाज हुई खामोश, 'पतला दुपट्टा तेरा मुंह दिखे' गाने के सिंगर पेप्सी शर्मा का निधन; 10 प्वाइंट्स में जाने पूरी डिटेल
हरियाणवी रागिनी जगत के लोकप्रिय कलाकार पेप्सी शर्मा का कथित तौर पर हार्ट अटैक से निधन हो गया. सपना चौधरी के साथ उनकी जोड़ी बेहद चर्चित रही. 10 प्वाइंट्स में जानें पूरी डिटेल
Pepsi Sharma Death: हरियाणवी लोक संगीत और रागिनी जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है. लोकप्रिय रागिनी कलाकार पेप्सी शर्मा का सोमवार सुबह कथित तौर पर हार्ट अटैक के कारण निधन हो गया. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके आकस्मिक निधन की खबर से हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और रागिनी प्रेमियों के बीच शोक की लहर दौड़ गई है.
पेप्सी शर्मा उन कलाकारों में शामिल थे जिन्होंने अपनी दमदार आवाज, मंच संचालन और अनोखी प्रस्तुति शैली के दम पर लाखों लोगों के दिलों में जगह बनाई. सपना चौधरी के साथ उनकी रागिनी जुगलबंदी विशेष रूप से लोकप्रिय रही. आइये जानते हैं उनके बारे में पूरी डिटेल
10 प्वाइंट्स में जानें पेप्सी शर्मा की पूरी डिटेल
- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीने में दर्द की शिकायत के बाद पेप्सी शर्मा को अस्पताल ले जाया गया था, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया
- पेप्सी शर्मा उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के पतला गांव के निवासी थे.
- उन्होंने हरियाणवी रागिनी मंचों के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई थी. रागिनी के साथ-साथ वह मंच संचालन और हास्य शैली के लिए भी काफी लोकप्रिय थे.
- उनकी गायकी में लोक संस्कृति, ग्रामीण जीवन और सामाजिक विषयों की झलक देखने को मिलती थी.
- उन्होंने किसानों के संघर्ष, पारिवारिक मूल्यों और गांव की संस्कृति को अपनी रागिनियों में प्रमुखता से स्थान दिया.
- पेप्सी शर्मा और सपना चौधरी की रागिनी जुगलबंदी दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय थी. दोनों कलाकारों के मंचीय कार्यक्रमों में हजारों की संख्या में लोग पहुंचते थे.
- पेप्सी शर्मा ने 100 से ज्यादा गाने गाए थे.
- दर्शकों से सीधे संवाद करने की उनकी शैली उन्हें अन्य कलाकारों से अलग बनाती थी.
- लाहौर जिले में, तू हाथ जुड़वा ले, पतला दुपट्टा तेरा मुंह दिखे.नागिन डांस रागिनी मुकाबला और देसी छोरों की रागिनी उनके फेमस गीत थे.
- पेप्सी शर्मा के निधन को क्षेत्रीय लोक संस्कृति और रागिनी परंपरा के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है.




