'कभी विधवा देखी है' कहकर फायरिंग... परमजीत धनखड़ की हत्या के 48 घंटे बाद क्या-क्या खुलासे हुए? 10 पॉइंट में जानिए
फरीदाबाद में सिंगापुर से लौटे परमजीत धनखड़ की हत्या के मामले में 10 बड़े खुलासे. जानिए पार्किंग विवाद, पुलिस चौकी में मिली धमकी और आरोपी की गिरफ्तारी की पूरी कहानी.
हरियाणा के फरीदाबाद में पार्किंग को लेकर शुरू हुआ पड़ोसियों का विवाद एक शख्स की हत्या तक पहुंच गया. आरोप है कि मामूली कहासुनी और पहले से चली आ रही रंजिश के चलते एक व्यक्ति ने अपने ही पड़ोसी पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. मरने वाले की पहचान परमजीत धनखड़ के रूप में हुई है, जो सिंगापुर की एक मल्टीनेशनल कंपनी में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट थे. वह कुछ दिन पहले ही दिवाली मनाने और भतीजे की शादी में शामिल होने भारत लौटे थे. हैरानी की बात यह है कि हत्या से कुछ घंटे पहले ही परमजीत ने आरोपी के खिलाफ पुलिस चौकी में शिकायत दी थी.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वहां आरोपी ने कथित तौर पर उन्हें रात तक जिंदा न छोड़ने की धमकी भी दी थी. इसके बावजूद दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया गया. रात में आरोपी ने परमजीत को पार्किंग में बुलाया और कथित तौर पर उन पर गोलियां बरसा दीं. इस दौरान उनके बेटे को भी निशाना बनाया गया, लेकिन वह गाड़ियों के पीछे छिपकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहा. वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया, हालांकि पुलिस ने कुछ ही घंटों में उसे गिरफ्तार कर लिया. इस घटना ने पुलिस की कार्रवाई और पहले मिली धमकी को गंभीरता से न लेने पर भी सवाल खड़े किए हैं.
फरीदाबाद मर्डर केस: 10 पॉइंट में पूरी घटना
1. सिंगापुर से भारत लौटे थे परमजीत: 42 वर्षीय परमजीत धनखड़ सिंगापुर की FPT Software कंपनी में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट थे. इससे पहले वह टेक महिंद्रा के एशिया-पैसिफिक कारोबार के रीजनल बिजनेस हेड रह चुके थे.
2. भतीजे की शादी में होना था शामिल: परमजीत 5 नवंबर को भारत आए थे. उनका परिवार के साथ दिवाली मनाने और 24 नवंबर को होने वाली भतीजे की शादी में शामिल होने का कार्यक्रम था.
3. एक ही बिल्डिंग में रहते थे दोनों परिवार: परमजीत फरीदाबाद के सेक्टर-21C स्थित मकान नंबर 641 की पहली मंजिल पर रहते थे, जबकि आरोपी मोनू शर्मा उर्फ मोहन तीसरी मंजिल पर रहता था.
4. पार्किंग और टूटे गेट को लेकर विवाद: दोनों परिवारों के बीच साझा पार्किंग को लेकर लंबे समय से तनाव था. हालिया विवाद उस समय बढ़ा, जब परमजीत के बेटे शौर्य ने पार्किंग का गेट टूटने पर आरोपी से उसकी मरम्मत कराने को कहा.
5. बेटे को पिता को बुलाने के लिए कहा: आरोप है कि मोनू ने शौर्य से कहा कि वह उससे बात नहीं करेगा और अपने पिता को भेजे. इसके बाद परमजीत ने मामले की शिकायत अंखिर पुलिस चौकी में की.
6. पुलिस चौकी में दी थी हत्या की धमकी: पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शिकायत पर बुलाए जाने के बाद मोनू ने कथित तौर पर परमजीत को उसी रात जान से मारने की धमकी दी थी. बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया गया.
7. रात में पार्किंग में बुलाकर की फायरिंग: शिकायत के मुताबिक, रात करीब 8:30 बजे आरोपी परमजीत के घर पहुंचा और उन्हें नीचे बुलाया. पिता के साथ शौर्य भी पार्किंग में गया. वहां आरोपी ने कथित तौर पर परमजीत से कहा, 'कभी विधवा देखी है?' और फिर गोली चला दी.
8. बेटे ने गाड़ियों के पीछे छिपकर बचाई जान: पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने परमजीत के साथ उनके बेटे शौर्य पर भी फायरिंग की. शौर्य पार्किंग में खड़ी गाड़ियों के पीछे छिप गया और उसकी जान बच गई. परमजीत को करीब 9 गोलियां लगने की बात सामने आई है.
9. 14 से 15 राउंड फायरिंग की बात: पुलिस और शुरुआती रिपोर्टों में 14 से 15 राउंड गोलियां चलने की जानकारी सामने आई है. घटनास्थल से कारतूस के खोखे और गाड़ियों व खंभों पर गोलियों के निशान मिले. परिवार परमजीत को अस्पताल ले गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
10. कुछ ही घंटों में आरोपी गिरफ्तार: पुलिस ने मोनू शर्मा को शनिवार को बल्लभगढ़ से गिरफ्तार किया. शौर्य की शिकायत पर आरोपी, उसकी पत्नी दिव्या, बेटे मयंक, बेटी नैना और भाई हेतराम के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले की जांच जारी है.




