पकड़ा और जमीन पर पटककर मारा-पहले लात फिर ईंट से करता रहा हमला, पंचकूला में क्लास 3 के बच्चे की KG गर्ल से भयंकर क्रूरता
पंचकूला के एक स्कूल में महज तीसरी क्लास में पढ़ने वाले बच्चे ने केजी क्लास की बच्ची को बेरहमी से मारा. बच्ची पर लाल-घूंसे बरसाए. इतना ही नहीं, इसके बाद उसने ईंट से कई बार मासूम पर वार किए.
हरियाणा के पंचकूला से सामने आई एक घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है. यहां तीसरी क्लास में पढ़ने वाले एक बच्चे ने केजी की मासूम बच्ची को पहले जमीन पर पटककर लातों से मारा और फिर पत्थर व गमले से उसके सिर पर हमला करता रहा. बच्ची की हालत इतनी बिगड़ गई कि उसे चंडीगढ़ के पीजीआई में भर्ती कराना पड़ा. घटना का वीडियो सामने आया है, जिसमें बच्चे की बेरहमी देखकर लोग हैरान हैं. आखिर इतनी छोटी उम्र में किसी बच्चे के मन में दूसरे को इस तरह चोट पहुंचाने की सोच कैसे आ सकती है?
यह मामला सिर्फ एक स्कूल या दो बच्चों तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के बदलते बर्ताव और उनकी बढ़ती हिंसा पर भी सवाल खड़े करता है. क्या बच्चे अपने आसपास के माहौल से ऐसी चीजें सीख रहे हैं? क्या मोबाइल पर दिखने वाली हिंसक कंटेंट उनके बिहेवियर को प्रभावित कर रही है, या फिर स्कूलों में बच्चों की निगरानी और उनकी इमोशमल जरूरतों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा? फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है.
दोनों बच्चों के बीच हुई बहस
यह मामला 28 अक्टूबर का है. दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, इस दिन स्कूल में टीचर की कमी थी. ऐसे में पहली, दूसरी और तीसरी क्लास के बच्चों को एक-साथ बैठाया गया था. इस दौरान दोनों बच्चों के बीच बहस हुई. जहां बच्ची ने कहा कि वह उसकी शिकायत माता-पिता से करेगी. इसके बाद, बच्चा उसे झूठ बोलकर अपने पिता से मिलवाने के बहाने पहली मंजिल पर लेकर गया, जहां उसने बच्ची पर हमला किया.
ईंट से बार-बार किया हमला
वीडियो इतनी वीभत्स है कि स्टेट मिरर हिंदी दिखा नहीं सकता है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में केजी में पढ़ने वाली मासूम को पकड़कर उसका सिर क्लासरूम में रखी बेंच पर मारता है. इसके बाद वह उसे लात मारकर जमीन पर गिरा देता है. वह यहां भी नहीं रूकता है और मासूम को दो बार लात मारता है और बार-बार उसके बाल पकड़ खींचता है. इसके बाद अचानक से वह बाहर जाता है और ईंट से बच्ची पर हमला करता है, जिसके कारण वह गिर जाती है. फिर लड़का दोबारा बच्ची पर ईंट फेंकता है. उसकी यह बर्बरता यहां भी रूकती है. इसके बाद वह बच्ची को जमीन में लेटाकर मारने लगता है. फिर वह दोबारा पत्थर उठाकर दो बार उसके मुंह पर मारता है. आखिर में वहां से चला जाता है.
कैसी है बच्ची का हालत?
घटना के बाद घायल बच्ची को पंचकूला के सेक्टर-6 स्थित सिविल अस्पताल पहुंचाया गया. वहां डॉक्टरों ने शुरुआती इलाज किया, लेकिन चोटों की गंभीरता को देखते हुए उसे चंडीगढ़ के पीजीआई रेफर कर दिया गया. फिलहाल बच्ची की हालत गंभीर बताई जा रही है. परिवार के लिए यह वक्त कितना मुश्किल होगा, इसका अंदाजा लगाना भी आसान नहीं है.
आरोपी बच्चे के पिता ने क्या कहा?
इस मामले में बच्चे के पिता ने कहा कि उनके बच्चे ने पहले ऐसा कभी नहीं किया. वहीं, स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों ने बताया कि उसे पबजी गेम खेलने की आदत थी. इतना ही नहीं, बच्चे के हमले के बाद यह भी कहा कि यह उसका टारगेट था.
पुलिस कर रही है मामले की जांच
मामले की सूचना मिलते ही पुलिस टीम स्कूल पहुंची और पूरे घटनाक्रम की पड़ताल शुरू कर दी. जांच के दौरान स्कूल के अधिकारियों से जानकारी ली जा रही है, ताकि पता चल सके कि बच्ची पर हमला कैसे हुआ और उस वक्त वहां क्या हालात थे. पुलिस ने हमले में शामिल बच्चे के माता-पिता से भी पूछताछ की है. अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि आखिर इस घटना के पीछे क्या वजह थी.
बच्चों के भीतर इतनी हिंसा कैसे आ रही है?
इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. इतनी कम उम्र में किसी बच्चे के मन में दूसरे बच्चे को इस तरह चोट पहुंचाने का ख्याल कैसे आया? क्या स्कूल में बच्चों की निगरानी में कोई कमी थी? क्या बच्चों के आसपास के माहौल, देखी-सुनी बातों और उनके बर्ताव पर पर्याप्त ध्यान दिया जा रहा है? इस घटना के आधार पर किसी बच्चे या उसके परिवार को दोषी ठहराना जल्दबाजी होगी. पुलिस की जांच से ही हमले की वजह और स्कूल की भूमिका साफ हो पाएगी. लेकिन यह मामला माता-पिता, स्कूलों और समाज सभी को सोचने पर मजबूर करता है कि बच्चों को सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि गुस्से पर काबू रखना, दूसरों की तकलीफ समझना और हिंसा से दूर रहना भी सिखाना कितना जरूरी है. स्कूल में हर बच्चे की सुरक्षा सबसे पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए.




