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दिल्ली में खुला नाला मौत का कारण, आर्मी ऑफिसर के बेटे की जान का कौन जिम्मेदार? DDA पर चश्मदीद का बड़ा दावा

दिल्ली के नांगल देवत इलाके में अमेरिका में पढ़ाई कर रहे 20 वर्षीय छात्र की कार खुले नाले में गिरने से मौत हो गई. चश्मदीद ने DDA पर लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि इस नाले के बारे में कई बार शिकायत की गई थी.

दिल्ली में खुला नाला मौत का कारण, आर्मी ऑफिसर के बेटे की जान का कौन जिम्मेदार? DDA पर चश्मदीद का बड़ा दावा
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दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम इलाके में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में अमेरिका में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे 20 वर्षीय छात्र की मौत हो गई. मरने वाला शख्स आर्मी जवान का बेटा था. हादसा उस समय हुआ, जब कार एक तेज मोड़ पर अनियंत्रित होकर नांगल देवत इलाके में स्थित खुले नाले में जा गिरी.

इस हादसे में छात्र की एक महिला मित्र घायल हो गई. वहीं, घटना के बाद सामने आए चश्मदीद के बयान ने डीडीए (DDA) की कथित लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. आखिर क्या है पूरा मामला.

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान 20 वर्षीय यशवेंद्र के रूप में हुई है, जो अमेरिका में हायर एजुकेशन हासिल कर रहा था. वह एक भारतीय सेना के अधिकारी का बेटा था. पुलिस ने बताया कि शुक्रवार सुबह वसंत कुंज साउथ थाना पुलिस को सूचना मिली कि नांगल देवत इलाके में एक कार खुले नाले में पलटी हुई पड़ी है. मौके पर पहुंची टीम ने देखा कि कार उलटी अवस्था में नाले के अंदर फंसी हुई थी.

शुरुआती जांच में पता चला कि यशवेंद्र अपनी महिला मित्र के साथ उसकी कार में उसके घर की ओर जा रहा था. दोनों अमेरिका के एक ही शैक्षणिक संस्थान में पढ़ते थे और वहीं उनकी दोस्ती हुई थी.

कैसे हुआ हादसा?

पुलिस के अनुसार, नांगल देवत ट्रैफिक सिग्नल के पास एक तीखे मोड़ पर सड़क फिसलन भरी थी. इसी दौरान यशवेंद्र कार से नियंत्रण खो बैठा. कार सड़क से नीचे उतरकर सीधे खुले नाले में जा गिरी. हादसे में गंभीर रूप से घायल यशवेंद्र को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. वहीं, कार में मौजूद उसकी महिला मित्र घायल हो गई.

चश्मदीद ने क्या बताया?

घटना के एक चश्मदीद ने बताया कि हादसा 24 जुलाई की सुबह करीब 5:30 से 6:00 बजे के बीच नांगल देवत इलाके में हुआ.

उन्होंने कहा, "मैं उस रास्ते से गुजर रहा था. यहां अक्सर हादसे होते रहते हैं. कल करीब 20 से 25 साल के तीन युवक इस रास्ते से गुजर रहे थे, तभी उनकी स्कोडा कार खुले नाले में गिर गई. यह खुला नाला लंबे समय से दुर्घटनाओं का कारण बना हुआ है और इसकी जिम्मेदारी डीडीए की है."

चश्मदीद ने आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों ने कई बार डीडीए के सामने इस मुद्दे को उठाया है. उन्होंने बताया कि कई बैठकों में अधिकारियों से नाले को ढकने की मांग भी की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई.

उनके अनुसार, हादसे के समय कार में तीन लोग सवार थे, जिनमें एक लड़की भी शामिल थी. दुर्घटना के बाद दो लोग किसी तरह बाहर निकल आए, जबकि 21 वर्षीय युवक कार में ही फंस गया.

DDA की लापरवाही पर उठे सवाल?

चश्मदीद के आरोपों के बाद एक बार फिर खुले नालों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नाले को ढक दिया गया होता, तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता था. हालांकि, इस मामले में डीडीए की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

पहले भी खुले सीवर में जा चुकी है जान?

यह पहली बार नहीं है जब खुले नाले या सीवर को लेकर लापरवाही के आरोप लगे हों. इससे पहले 10 फरवरी 2026 को दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-32 में महाशक्ति काली मंदिर के पास एक खुले सीवर में गिरने से बिहार के समस्तीपुर निवासी 32 वर्षीय मजदूर बिरजू की मौत हो गई थी.

उस घटना के बाद भी प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठे थे और स्थानीय लोगों ने सुरक्षा इंतजामों की मांग की थी. अब नांगल देवत में हुए इस हादसे के बाद एक बार फिर सार्वजनिक स्थानों पर खुले नालों और सीवरों की सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है.

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