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21 दिन के अनशन के बाद सोनम वांगचुक का बड़ा अल्टीमेटम! सामने रखीं 3 शर्तें, पूरी हुईं तभी खत्म होगी भूख हड़ताल- 10 Points

जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 21 दिन से अधिक समय से जारी भूख हड़ताल खत्म करने के लिए तीन शर्तें रखी हैं. जानिए उनकी क्या मांगें हैं. 10 प्वाइंट्स में जानें पूरी डिटेल.

21 दिन के अनशन के बाद सोनम वांगचुक का बड़ा अल्टीमेटम!  सामने रखीं 3 शर्तें, पूरी हुईं तभी खत्म होगी भूख हड़ताल- 10 Points
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जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा है कि वह 20 दिनों से अधिक समय से जारी अपना भूख हड़ताल तभी खत्म करेंगे, जब उनकी तीन शर्तें पूरी की जाएंगी. उन्होंने यह बात दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से लिखे एक हस्तलिखित पत्र में कही, जहां उन्हें अदालत के निर्देश के बाद भर्ती कराया गया है. उन्होंने इस लेटर को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी शेयर किया है.

वांगचुक ने दावा किया कि उन्हें "अवैध हिरासत" में रखा गया है. उन्होंने कहा कि अगर उनकी तबीयत और अन्य परिस्थितियों के कारण वह सोमवार को संसद मार्च में शामिल नहीं हो पाते हैं, तो देश के शीर्ष राजनीतिक नेताओं को अस्पताल आकर उन्हें भरोसा देना चाहिए कि उनकी मांगों पर कार्रवाई होगी.

सोनम वांगचुक ने रखीं ये 3 शर्तें, 10 प्वाइंट्स में पूरी डिटेल

1. वांगचुक की पहली शर्त है कि सरकार शिक्षा व्यवस्था में कथित विफलताओं, खासकर हाल में सामने आए कथित NEET प्रश्नपत्र लीक मामले की जिम्मेदारी स्वीकार करे.

2. दूसरी शर्त के तहत उन्होंने मांग की है कि राजनीतिक दलों के नेता भरोसा दें कि NEET पेपर लीक का मुद्दा संसद में उठाया जाएगा.

3. तीसरी शर्त यह है कि यदि उनकी स्वास्थ्य स्थिति उन्हें संसद मार्च में शामिल होने की अनुमति नहीं देती, तो देश के शीर्ष राजनीतिक नेता सफदरजंग अस्पताल पहुंचकर उन्हें पहली दो मांगों पर आश्वासन दें.

4. सोनम वांगचुक लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. इससे पहले उन्होंने अपने समर्थकों से संसद मार्च को "बड़ी सफलता" बनाने की अपील भी की थी.

5. वांगचुक 28 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा मंत्री के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में शामिल हुए थे. इसी दौरान उन्होंने छात्रों के मुद्दों को लेकर भूख हड़ताल शुरू की थी.

6. 18 जुलाई को उनकी भूख हड़ताल का 21वां दिन था. उसी दिन सुबह दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल ले गई.

7. यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के उस निर्देश के बाद की गई, जिसमें सरकार से वांगचुक की जान बचाने के लिए हरसंभव कदम उठाने को कहा गया था.

8. दिल्ली पुलिस ने रविवार (19 जुलाई 2026) को संसद मार्च को लेकर सार्वजनिक एडवाइजरी जारी की.

9. पुलिस उपायुक्त (DCP) सचिन शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि इस तरह के किसी भी प्रदर्शन या जुलूस के लिए न तो अनुमति मांगी गई है और न ही कोई अनुमति दी गई है.

10. डीसीपी के अनुसार, नई दिल्ली जिले में फिलहाल भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (पूर्व में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144) लागू है.

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