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बिहार में नई NDA सरकार का शपथ ग्रहण आज, सम्राट चौधरी के साथ JDU के ये दो नेता लेंगे डिप्टी CM पद की शपथ

बिहार में नई एनडीए सरकार का शपथ ग्रहण 15 अप्रैल यानी आज लोकभवन में होगा, जिसमें सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री और जेडीयू के दो नेता डिप्टी सीएम पद की शपथ लेंगे. कैबिनेट का विस्तार बाद में किया जाएगा, जिसमें सभी सहयोगी दलों को प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना है.

बिहार में नई NDA सरकार का शपथ ग्रहण आज, सम्राट चौधरी के साथ JDU के ये दो नेता लेंगे डिप्टी CM पद की शपथ
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सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी4 Mins Read

Updated on: 15 April 2026 1:57 AM IST

बिहार में नई एनडीए सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है. सम्राट चौधरी के सीएम पद और उनके साथ जेडीयू के दो नेता डिप्टी सीएम पद की शपथ लेंगे. शपथ ग्रहण समारोह राजभवन के बजाय लोकभवन में सादे तरीके से आयोजित किया जाएगा, जहां राज्यपाल सैयद अता हसनैन नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे.

सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती चरण में कैबिनेट बेहद सीमित रखा गया है, जबकि बाकी मंत्रियों का विस्तार बाद में किया जाएगा. इस बीच डिप्टी सीएम और विभागों के बंटवारे को लेकर एनडीए में अंदरूनी रणनीति पर भी चर्चा तेज है.

किन नेताओं को मिलेगा शुरुआती शपथ का मौका?

सूत्रों के अनुसार, पहले चरण में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ जेडीयू के दो वरिष्ठ नेता शपथ लेंगे.

  • बिजेंद्र प्रसाद यादव- (डिप्टी सीएम)
  • विजय कुमार चौधरी- (डिप्टी सीएम)

इन दोनों को डिप्टी सीएम पद की शपथ दिलाई जा सकती है. इसके अलावा भाजपा और जेडीयू के अन्य नेताओं के साथ-साथ एनडीए के सहयोगी दलों- लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के नेताओं को बाद में कैबिनेट विस्तार में जगह दी जाएगी.

कैबिनेट विस्तार कब होगा?

सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा में बहुमत साबित करने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे. इसमें एनडीए के सभी सहयोगी दलों को प्रतिनिधित्व दिया जाएगा. भाजपा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पार्टी 4 मई के आसपास (विभिन्न राज्यों के चुनाव नतीजों के बाद) कैबिनेट विस्तार की योजना बना रही है. तब तक सरकार सीमित मंत्रियों के साथ काम करेगी और राजनीतिक संतुलन साधा जाएगा.

मंत्रियों की संख्या इतनी सीमित क्यों रखी गई?

जानकारों के अनुसार, एनडीए में अभी विभागों के बंटवारे और मंत्री पदों की संख्या पर अंतिम सहमति नहीं बनी है. यही वजह है कि शुरुआती शपथ ग्रहण बेहद सीमित रखा गया है. सूत्र बताते हैं कि भाजपा और जेडीयू के बीच विभागों पर शुरुआती बातचीत चल रही है. सहयोगी दलों से बातचीत बाद में होगी. विधानसभा अध्यक्ष पद को लेकर भी चर्चा जारी है

कौन हैं बिजेंद्र प्रसाद यादव?

कोसी क्षेत्र के वरिष्ठ नेता और “कोसी के चाणक्य” कहे जाने वाले बिजेंद्र प्रसाद यादव का नाम डिप्टी सीएम पद के लिए सबसे आगे माना जा रहा है. 79 वर्षीय बिजेंद्र यादव लंबे समय से बिहार की राजनीति में एक मजबूत और भरोसेमंद चेहरा रहे हैं. 1990 से लगातार चुनाव जीतते आ रहे यादव को विकास और प्रशासनिक अनुभव का प्रतीक माना जाता है. कोसी के विकास में बिजेंद्र यादव की भूमिका बिजेंद्र प्रसाद यादव को कोसी क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए जाना जाता है. उनके कार्यकाल में-

  • ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा सुधार हुआ
  • 24 घंटे बिजली आपूर्ति की दिशा में काम हुआ
  • कई पावर सब-स्टेशन स्थापित किए गए
  • सुपौल, सहरसा और मधेपुरा में सड़क नेटवर्क मजबूत हुआ
  • कोसी नदी पर पुलों का निर्माण बढ़ा
  • इन्हीं उपलब्धियों के कारण उन्हें “कोसी के विश्वकर्मा” भी कहा जाता है.

कौन हैं विजय कुमार चौधरी?

जेडीयू के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी भी नई सरकार में अहम भूमिका निभा सकते हैं. वे लंबे समय से नीतीश कुमार के करीबी सहयोगी रहे हैं. उन्होंने बिहार विधानसभा अध्यक्ष के रूप में 2015 से 2020 तक कार्य किया और इस दौरान ई-विधान प्रणाली और डिजिटल प्रक्रियाओं की शुरुआत कर सदन की कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाया. जल संसाधन मंत्री के रूप में भी उन्होंने कई सिंचाई परियोजनाओं और बाढ़ प्रबंधन योजनाओं पर काम किया.

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, सीमित शपथ ग्रहण और बाद में कैबिनेट विस्तार एनडीए की रणनीति का हिस्सा है. इसका उद्देश्य- सभी सहयोगी दलों को संतुलित प्रतिनिधित्व देना, विभागों का बेहतर बंटवारा करना, राजनीतिक असंतोष को कम करना, बिहार की नई सरकार की दिशा. नई एनडीए सरकार से विकास, प्रशासनिक स्थिरता और गठबंधन संतुलन की उम्मीद की जा रही है. सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार शुरुआती चरण में मजबूत प्रशासनिक ढांचा तैयार करने पर ध्यान दे सकती है.

सम्राट चौधरी
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