'अपराधी की कोई जाति नहीं होती', जमुई कांड पर सम्राट चौधरी का पहला बयान- जानिए नंदन यादव एनकाउंटर को लेकर क्या कुछ बोले
बिहार के जमुई कांड को लेकर अब तक 8 गिरफ्तारी का दावा सामने आया है तो वहीं नंदन यादव को लेकर नया दावा किया जा रहा है कि कावड़ यात्रा भी जाता था इसी के साथ वहीं इन दावों के बीच सम्राट चौधरी कह रहे हैं कि अपराधी- अपराधी होता है उसकी कोई जाति नहीं होती.
बिहार के जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा से बदसलूकी के मामले में पुलिस की कार्रवाई के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि अपराधी की कोई जाति या धर्म नहीं होता और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. यह बयान ऐसे समय आया है जब बिहार में कुछ पुलिस एनकाउंटरों को लेकर जातीय सवाल उठाए जा रहे हैं. सम्राट चौधरी ने हालिया सार्वजनिक बयान में भी कहा है कि अपराधी किसी भी जाति या धर्म का हो, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी, जबकि पुलिस की गलती होने पर पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की जाएगी.
सम्राट चौधरी ने क्या कहा?
सामने आए वीडियो में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कहते सुनाई दे रहे हैं कि उनकी चिंता सुशासन को लेकर है. वह कहते हैं कि वे जाति और धर्म के पीछे नहीं पड़ते और उनके लिए अपराधी की कोई जाति नहीं होती. इसके बाद वह कहते हैं कि अगर कोई अपराधी पुलिस को चुनौती देगा तो उसका हश्र बुरा होगा. यानी मुख्यमंत्री के बयान का केंद्र अपराध के खिलाफ कार्रवाई और कानून-व्यवस्था है. यह वीडियो जमुई मामले के बीच सामने आने के कारण इसे नंदन यादव प्रकरण से जोड़कर देखा जा रहा है.
अनंत सिंह ने एनकाउंटर पर क्या कहा?
नंदन यादव के एनकाउंटर के बाद पूर्व विधायक अनंत सिंह की प्रतिक्रिया भी सामने आई. उन्होंने बेहद सख्त कार्रवाई की वकालत करते हुए कहा कि ऐसे अपराधियों को जल्द खत्म कर देना चाहिए और उन्हें मारने वाले को पुण्य मिलने जैसी टिप्पणी की.
नंदन यादव को लेकर सोशल मीडिया पर क्या दावे हैं?
सोशल मीडिया पर नंदन यादव के धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने और कांवड़ यात्रा से जुड़े कई दावे और पोस्ट सामने आए हैं. कुछ पोस्ट में उसे कांवड़ लेकर जाने वाला बताया जा रहा है. लेकिन ऐसे दावों को पुलिस या किसी आधिकारिक रिकॉर्ड से स्वतंत्र रूप से सत्यापित किए बिना तथ्य के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा. इसी तरह सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति की धार्मिक पहचान को उसके कथित अपराध से जोड़ना भी अलग-अलग सवालों को मिला सकता है.
जाति का मुद्दा क्यों आया?
नंदन यादव का सरनेम यादव होने के कारण मामले पर जातीय राजनीति की बहस भी शुरू हुई. इसी संदर्भ में मुख्यमंत्री का यह कहना सामने आया कि “अपराधी की कोई जाति नहीं होती.” इससे पहले भी इस मामले में यादव समुदाय और राजनीतिक नेताओं को लेकर बयानबाजी हुई है. लेकिन कानूनी तौर पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई उसके कथित कृत्य और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होनी है, जाति के आधार पर नहीं.




