कांग्रेस में बगावत की आहट! बिहार के नेता अब दिल्ली में हाईकमान के खिलाफ खोलेंगे मोर्चा? आखिर क्या है पूरा मामला
बिहार कांग्रेस में विधानसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद असंतोष बढ़ गया है. पार्टी के नेता 8 सितंबर को दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान के खिलाफ धरना देने की तैयारी में हैं. जानें पूरा मामला.
बिहार कांग्रेस में विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार का असर अब पार्टी के अंदर साफ दिखाई देने लगा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदेश संगठन में लंबे समय से चल रही नाराजगी अब विरोध-प्रदर्शन तक पहुंच गई है. पार्टी के कुछ नेता और कार्यकर्ता अब बिहार से निकलकर सीधे दिल्ली में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के सामने अपनी बात रखने की तैयारी कर रहे हैं.
न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, असंतुष्ट नेताओं ने 8 सितंबर को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन के बाहर धरना और प्रदर्शन करने का ऐलान किया है. उनका कहना है कि यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा. प्रदर्शन के जरिए बिहार कांग्रेस के प्रभारी महासचिव कृष्णा अल्लावरू और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार को पद से हटाने की मांग उठाई जाएगी.
क्या इतना ही है विवाद?
लेकिन विवाद सिर्फ प्रदेश नेतृत्व तक सीमित नहीं है. पार्टी के कुछ नेता कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात का समय नहीं मिलने से भी नाराज हैं. उनका आरोप है कि वे लंबे समय से शीर्ष नेतृत्व के सामने अपनी शिकायतें रखना चाहते हैं, लेकिन उन्हें मुलाकात का अवसर नहीं मिल रहा.
कहां से शुरू हुआ असंतोष?
बिहार कांग्रेस में मौजूदा नाराजगी को समझने के लिए 2025 के विधानसभा चुनाव के नतीजों पर नजर डालना जरूरी है. चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा. पार्टी सिर्फ 6 सीटों पर जीत हासिल कर सकी, जबकि 2020 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के खाते में 19 सीटें आई थीं.
पार्टी की सीटों में हुई इस बड़ी गिरावट के बाद प्रदेश संगठन में नेतृत्व को लेकर सवाल उठने लगे. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार खुद भी चुनाव हार गए. इसके बाद पार्टी के भीतर उनके नेतृत्व और प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरू की भूमिका को लेकर आलोचना बढ़ती गई.
असंतुष्ट नेताओं का कहना है कि चुनाव के बाद उन्होंने पार्टी की टॉप लीडरशिप के सामने अपनी समस्याएं और मांगें रखी थीं. उन्हें शिकायतों पर ध्यान देने का भरोसा भी मिला था, लेकिन उनके मुताबिक, अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.
राहुल गांधी से मुलाकात को लेकर भी नाराजगी....
प्रदर्शन की तैयारी कर रहे नेताओं की एक प्रमुख शिकायत राहुल गांधी से मुलाकात का समय नहीं मिलना भी है. AICC सदस्य आनंद माधव ने आरोप लगाया कि वे नवंबर 2025 से राहुल गांधी से मिलने का समय मांग रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें मुलाकात का अवसर नहीं मिला. आनंद माधव के अनुसार, 3 नवंबर 2025 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, केसी वेणुगोपाल और अशोक गहलोत के साथ बैठक हुई थी. उस दौरान बिहार के नेताओं की शिकायतों पर गौर करने का भरोसा दिया गया था.
हालांकि, आनंद माधव का कहना है कि उस बैठक के बाद भी उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. इसी वजह से अब असंतुष्ट नेता दिल्ली में प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे हैं.
8 सितंबर के प्रदर्शन में कौन-कौन शामिल हो सकता है?
प्रस्तावित प्रदर्शन में बिहार कांग्रेस से जुड़े कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हो सकते हैं. आनंद माधव के मुताबिक, बिहार के अलग-अलग हिस्सों से पार्टी नेता और कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचेंगे. धरने में बिहार कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष जमाल अहमद और राजकुमार राजन, AICC सदस्य नागेंद्र पासवान, पूर्व विधायक छत्रपति यादव और बी. अख्तर शामिल होने की तैयारी में हैं. इसके अलावा बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव और पूर्व विधायक अनिल कुमार सिंह के भी प्रदर्शन में शामिल होने की तैयारी है.
प्रदर्शन का आह्वान करने वाले नेताओं ने इसे शांतिपूर्ण धरना और प्रदर्शन बताया है. उनकी मुख्य मांग प्रदेश प्रभारी महासचिव कृष्णा अल्लावरू और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार को पद से हटाने की है.
पार्टी के भीतर से भी उठी बातचीत की आवाज?
हालांकि, हर कोई विरोध के रास्ते को सबसे बेहतर विकल्प नहीं मान रहा है. बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और AICC सदस्य किशोर कुमार झा ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि प्रदर्शन करने वाले नेता पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता हैं और हाईकमान को उनकी शिकायतें सुननी चाहिए. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि बेहतर होगा कि इन समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जाए.




