3 बार जीता गोल्ड, Para Asian Games 2026 में नहीं खेल पाए, कौन थे Neeraj Yadav, जिन्होंने खत्म कर ली अपनी जिंदगी?
पैरा एथलीट नीरज यादव का निधन हो गया है. नीरज ने 3 गोल्ड मेडल जीत भारत का नाम रोशन किया था. महज 7 साल की उम्र में उन्हें पैरालाइज हो गया था.
किसी खिलाड़ी के लिए देश के लिए मेडल जीतना आसान नहीं होता. इसके पीछे सालों की मेहनत और कई मुश्किलों से लड़ने की कहानी होती है. भारतीय पैरा-एथलीट नीरज यादव ने भी कम उम्र से ही परेशानियों का सामना किया, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. बचपन में पैरालिसिस होने के बाद भी उन्होंने खेलना जारी रखा और भाला फेंक व चक्का फेंक में अपनी पहचान बनाई. एशियन पैरा गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर उन्होंने देश का नाम रोशन किया.
लेकिन 27 अक्टूबर 2026 की रात नीरज यादव की मौत की खबर आई, जिससे खेल जगत में शोक छा गया. भारतीय पैरा-एथलेटिक्स टीम के मुख्य कोच ने शुरुआती जानकारी में उनकी मौत को आत्महत्या बताया था. हालांकि, उनकी मौत की असली वजह अभी साफ नहीं हुई थी. नीरज इस बार एशियन पैरा गेम्स में भी हिस्सा नहीं ले पाए थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, डोपिंग मामले में लगे बैन के कारण उन्हें कॉम्पिटिशन से बाहर रहना पड़ा.
कौन थे नीरज यादव?
नीरज यादव उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के रहने वाले थे. उनकी जिंदगी में मुश्किलें बचपन से ही शुरू हो गई थीं. महज सात साल की उम्र में उन्हें पैरालिसिस हुआ था और पता चला कि उन्हें न्यूरल डैमेज हुआ है. उनके पिता कुश्ती और वॉलीबॉल से जुड़े रहे थे. वह देश के लिए 3 बार गोल्ड मेडल जीत चुके हैं.
F55 कैटेगरी में लेते थे हिस्सा
नीरज ने शुरुआत में व्हीलचेयर टेनिस खेला. करीब सात साल तक इस खेल में समय बिताने के बाद उन्होंने एथलेटिक्स की ओर रुख किया. साल 2015 में उन्होंने पैरा-एथलेटिक्स में अपना सफर शुरू किया. वह F55 कैटेगरी में हिस्सा लेते थे, जिसमें खिलाड़ी बैठकर गोला फेंक, चक्का फेंक और भाला फेंक जैसे कॉम्पिटिशन में भाग लेते हैं.
एशियन पैरा गेम्स में जीते 3 गोल्ड मेडल
नीरज यादव ने अपनी मेहनत के दम पर खेल की दुनिया में खास पहचान बनाई थी. साल 2018 में इंडोनेशिया के जकार्ता में हुए एशियन पैरा गेम्स में उन्होंने भाला फेंक कॉम्पिटिशन में गोल्ड मेडल जीता. इस दौरान उन्होंने 29.84 मीटर दूर भाला फेंककर एशियाई रिकॉर्ड भी बनाया था. इसके बाद साल 2023 में चीन के हांगझोऊ में हुए एशियन पैरा गेम्स में भी नीरज ने दो गोल्ड मेडल अपने नाम किए.
क्या है डोपिंग से जुड़ा विवाद?
बाद में डोपिंग मामले के कारण नीरज यादव से दोनों मेडल वापस ले लिए गए. टेस्ट में उनके सैंपल में बैन सब्सटेंस मिलने की बात सामने आई थी. इस घटना का उनके खेल करियर पर भी असर पड़ा. इसके अलावा, डोपिंग नियमों के उल्लंघन के चलते उन्हें सरकार की ओर से मिलने वाला नकद पुरस्कार भी नहीं दिया गया.
क्यों नहीं ले पाए थे Para Asian Games 2026 में भाग?
साल 2026 में नीरज यादव एशियन पैरा गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाए. रिपोर्ट्स के मुताबिक, डोपिंग मामले में लगे बैन के कारण उन्हें इस कॉम्पिटिशन से बाहर रहना पड़ा. कुछ खबरों में यह भी बताया गया कि इस पूरे मामले के बाद वह मानसिक तनाव से गुजर रहे थे. हालांकि, उनकी मौत और तनाव के बीच कोई संबंध था या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
कैसे हुई नीरज यादव की मौत?
27 अक्टूबर की रात पैरा-एथलीट नीरज यादव की मौत की खबर आई. भारतीय पैरा-एथलेटिक्स टीम के मुख्य कोच एस. सत्यनारायण ने इसकी पुष्टि की. उन्होंने बताया कि नीरज ने आत्महत्या की थी और इस घटना को बेहद दुखद बताया. हालांकि, उन्होंने कहा कि वह उनकी मौत की असली वजह के बारे में कुछ नहीं कहना चाहते. 28 अक्टूबर को दिल्ली के एक अस्पताल में नीरज के शव का पोस्टमॉर्टम किया जा रहा था. उस समय तक उनकी मौत कैसे हुई, यह साफ नहीं था और पुलिस मामले की जांच कर रही थी. इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि डोपिंग मामले में लगे प्रतिबंध या मानसिक तनाव के कारण ही उनकी मौत हुई.




