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7 खिलाड़ी बाहर, कोच बदला और अब मोबाइल भी PCB के कब्जे में! ENG के खिलाफ 3rd Test से पहले पाक टीम में आखिर चल क्या रहा है?

इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट से पहले PCB ने कथित तौर पर पाकिस्तान टीम के कुछ खिलाड़ियों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए हैं. फोन लेने की वजह अभी साफ नहीं है.

7 खिलाड़ी बाहर, कोच बदला और अब मोबाइल भी PCB के कब्जे में! ENG के खिलाफ 3rd Test से पहले पाक टीम में आखिर चल क्या रहा है?
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पाकिस्तान के इंग्लैंड दौरे में एक और चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है. तीसरे और आखिरी टेस्ट से पहले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने कथित तौर पर राष्ट्रीय टीम के कुछ खिलाड़ियों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए हैं. पाकिस्तानी 365 न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, खिलाड़ियों के मोबाइल फोन PCB को सौंप दिए गए हैं और तीसरा टेस्ट खत्म होने तक बोर्ड के पास ही रहेंगे. हालांकि, किन खिलाड़ियों के फोन लिए गए हैं, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है. PCB ने भी अब तक सार्वजनिक रूप से यह नहीं बताया है कि आखिर इन मोबाइल फोन को अपने पास रखने की वजह क्या है.

इस घटनाक्रम के बाद खिलाड़ियों के निजी मोबाइल फोन और उनकी प्राइवेसी को लेकर सवाल उठने लगे हैं. खास तौर पर यह सवाल है कि किसी खिलाड़ी का निजी फोन किन परिस्थितियों में लिया जा सकता है, उसे कितने समय तक अपने पास रखा जा सकता है और उसमें मौजूद निजी बातचीत या अन्य जानकारी को देखने के लिए क्या नियम और सुरक्षा उपाय लागू होते हैं.

इंटरनेशनल क्रिकेट में क्या है फोन को लेकर नियम?

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर पहले से ही कड़े नियम हैं. ICC के Player and Match Officials Area नियमों के तहत अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ प्रतिबंधित क्षेत्रों में मोबाइल फोन या किसी अन्य कम्युनिकेशन डिवाइस को अपने पास नहीं रख सकते. ड्रेसिंग रूम भी ऐसे प्रतिबंधित क्षेत्रों में शामिल है. खिलाड़ियों को इन जगहों पर जाने से पहले अपने मोबाइल फोन सुरक्षित स्थान पर रखने होते हैं.

इन नियमों का मेन मकसद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की विश्वसनीयता और मैच की निष्पक्षता बनाए रखना है. इसके जरिए अनधिकृत बातचीत या कम्युनिकेशन को रोकने की कोशिश की जाती है. हालांकि, मैच के दिन प्रतिबंधित क्षेत्र में मोबाइल फोन ले जाने पर रोक और किसी खिलाड़ी के निजी फोन को लंबे समय तक अपने पास रखने की स्थिति एक जैसी नहीं है.

क्या कहते हैं आईसीसी के एंटी करप्शन कोड?

ICC के Anti-Corruption Code में आधिकारिक इंटीग्रिटी जांच के दौरान अधिकारियों को मोबाइल फोन से जुड़ी ज्यादा शक्तियां दी गई हैं. अगर किसी अधिकृत एंटी-करप्शन अधिकारी के पास यह मानने का सही कारण है कि किसी मोबाइल फोन में जांच से संबंधित जानकारी हो सकती है, तो वह लिखित आदेश के जरिए संबंधित व्यक्ति से मोबाइल फोन सौंपने या उसमें मौजूद जानकारी की कॉपी या डाउनलोड उपलब्ध कराने की मांग कर सकता है.

कैसे जानकारी ली जा सकती है?

ऐसी जांच में मोबाइल फोन से कई तरह की जानकारी मांगी जा सकती है. इसमें फोन और इंटरनेट रिकॉर्ड, टेक्स्ट मैसेज, WhatsApp बातचीत, फोटो, वीडियो, ऑडियो और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज शामिल हो सकते हैं. जरूरत पड़ने पर संबंधित व्यक्ति से मोबाइल का पासवर्ड या एक्सेस कोड भी मांगा जा सकता है. अगर कोई व्यक्ति आधिकारिक और वैध मांग के बावजूद जांच में सहयोग नहीं करता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी हो सकती है.

क्या पाक खिलाड़ियों की हो रही एंटी करप्शन जांच?

हालांकि, यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि PCB के जरिए खिलाड़ियों के फोन अपने कब्जे में लिए जाने की खबर से यह साबित नहीं होता कि कोई एंटी-करप्शन जांच चल रही है. अब तक इस बात की कोई पुष्टि नहीं हुई है कि इंग्लैंड में PCB की यह कार्रवाई भ्रष्टाचार, सट्टेबाजी या मैच फिक्सिंग से जुड़ी किसी जांच का हिस्सा है. किसी खिलाड़ी पर भी सार्वजनिक रूप से इंटीग्रिटी से जुड़ा कोई आरोप नहीं लगाया गया है.

मोबाइल फोन से जुड़ा यह विवाद पाकिस्तान के इंग्लैंड दौरे के बेहद मुश्किल दौर में सामने आया है. शुरुआती दो टेस्ट में पाकिस्तान को भारी हार का सामना करना पड़ा है. इसके बाद PCB ने सीरीज के बीच ही टीम में बड़े बदलाव किए. सात खिलाड़ियों को वापस पाकिस्तान भेज दिया गया और तीसरे टेस्ट से पहले कोचिंग स्टाफ में भी बदलाव किया गया.

टेस्ट कोच सरफराज अहमद की जगह माइक हेसन को जिम्मेदारी दी गई है. वह इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे और आखिरी टेस्ट में पाकिस्तान की टीम की कोचिंग व्यवस्था की देखरेख करेंगे. ऐसे में खिलाड़ियों के मोबाइल फोन PCB के पास रखे जाने की खबर ने पहले से ही मुश्किल दौर से गुजर रहे पाकिस्तान के इंग्लैंड दौरे में एक और असामान्य घटनाक्रम जोड़ दिया है.

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