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क्यों फांसी पर लटकाया गया था वेस्टइंडीज का खिलाड़ी, पत्नी के साथ क्या था विवाद; कहानी मौत की सजा पाने वाले इकलौते क्रिकेटर की

कभी वेस्टइंडीज के लिए टेस्ट क्रिकेट में धमाल मचाने वाले लेस्ली हिल्टन को उनकी पत्नी के मर्डर के आरोप में फांसी की सजा सुनाई गई थी, वे मौत की सजा पाने वाले इतिहास के पहले क्रिकेटर थे.

Leslie hylton
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Leslie hylton

( Image Source:  X/ @wcchen )

क्रिकेट की दुनिया में खिलाड़ियों की सफलता, रिकॉर्ड और शानदार प्रदर्शन की कहानियां अक्सर सुर्खियों में रहती हैं लेकिन इतिहास में कुछ ऐसे मामले भी दर्ज हैं, जो खेल की चमकदार दुनिया के पीछे छिपे अंधेरे पहलुओं को सामने लाते हैं. वेस्टइंडीज के पूर्व तेज गेंदबाज लेस्ली हिल्टन की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. वह टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले ऐसे खिलाड़ी बने, जिन्हें हत्या के मामले में मौत की सजा सुनाई गई और बाद में फांसी दे दी गई.

लेस्ली हिल्टन ने 1930 के दशक में वेस्टइंडीज की ओर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला और अपनी गेंदबाजी से पहचान बनाई. हालांकि, क्रिकेट से जुड़ी उनकी उपलब्धियों पर बाद में उनकी निजी जिंदगी की एक खौफनाक घटना भारी पड़ गई. शादी के बाद पत्नी के किसी दूसरे के साथ संबंध का पता चलने के बाद हिल्टन ने उसकी हत्या कर दी थी. इस मामले में अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया और तमाम कानूनी कोशिशों के बावजूद उनकी सजा नहीं बदली.

कब खेला था क्रिकेट?

लेस्ली हिल्टन जमैका के रहने वाले थे और उन्होंने 1934 से 1939 के बीच वेस्टइंडीज की राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व किया. अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में उन्होंने कुल छह टेस्ट मैच खेले और 16 विकेट हासिल किए. उस दौर में उन्होंने क्रिकेट के मैदान पर अपनी पहचान बनाई थी.

कब हुई थी शादी?

लेस्ली हिल्टन ने 1942 में लर्लिन रोज़ से शादी की थी. इस शादी से 1947 में उनके घर एक बेटे का जन्म हुआ. शुरुआत में उनकी जिंदगी सामान्य रूप से आगे बढ़ती रही, लेकिन कुछ सालों बाद उनके रिश्ते में तनाव पैदा हो गया. बताया जाता है कि लर्लिन जब फैशन की पढ़ाई के सिलसिले में न्यूयॉर्क गईं, तब उनका रॉय फ्रांसिस नाम के व्यक्ति के साथ अफेयर शुरू हो गया. जब हिल्टन को इस रिश्ते की जानकारी मिली, तो उन्होंने अपनी पत्नी से इस बारे में सवाल किए. इस खुलासे के बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ गया.

पत्नी के दूसरे व्यक्ति के साथ संबंध की जानकारी मिलने के बाद लेस्ली हिल्टन ने खौफनाक कदम उठाया. उन्होंने अपनी पत्नी को सात गोलियां मार दीं, जिससे उसकी मौत हो गई. इस घटना के बाद मामला अदालत पहुंचा और हिल्टन के खिलाफ हत्या का मुकदमा चलाया गया. मुकदमे के दौरान हिल्टन ने अपने बचाव में उकसावे का तर्क दिया, लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया. उन्हें हत्या का दोषी ठहराया गया और मौत की सजा सुनाई गई.

कब दी गई थी फांसी?

मौत की सजा सुनाए जाने के बाद लेस्ली हिल्टन ने कानूनी राहत पाने की कोशिश की. उन्होंने फैसले के खिलाफ अपील की और दया याचिका भी दायर की. हालांकि, उनकी दोनों कोशिशें नाकाम रहीं और सजा में कोई बदलाव नहीं हुआ. आखिरकार, 1955 में लेस्ली हिल्टन को फांसी दे दी गई.

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