'गोल्ड हमें थाली में सजाकर नहीं मिला', एशियन गेम्स में पाकिस्तान को हराने पर बोले संजू सैसमन; BCCI अध्यक्ष ने भी पाक पर कसा तंज
भारत ने एशियन गेम्स 2026 के पुरुष क्रिकेट फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हराकर लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल जीता. संजू सैमसन ने कहा कि भारत को गोल्ड के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी. उसे यह थाली में सजाकर नहीं मिला.
एशियन गेम्स 2026 में पाकिस्तान को हराकर लगातार दूसरी बार पुरुष क्रिकेट का गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला जितना बड़ा था, उतना ही दबाव वाला भी... भारत ने फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हराकर खिताब अपने नाम किया, लेकिन विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन के मुताबिक इस जीत को आसान नहीं कहा जा सकता. उनका कहना है कि टीम में मौजूद अनुभवी खिलाड़ियों ने मुश्किल परिस्थितियों में ऊर्जा, फोकस और दबाव को संभालने में अहम भूमिका निभाई.
संजू सैमसन ने फाइनल के बाद कहा कि बारिश के कारण टूर्नामेंट के दौरान कई बार अभ्यास और मैच प्रभावित हुए. ऐसे माहौल में खिलाड़ियों के लिए अपनी लय और मानसिक तैयारी बनाए रखना आसान नहीं था, लेकिन अनुभवी खिलाड़ियों ने टीम को लगातार मोटिवेटेड और फोकस्ड रखने में मदद की. भारत ने फाइनल में पहले बल्लेबाजी करते हुए 211 रन बनाए और इसके बाद पाकिस्तान को 192/6 तक रोककर 19 रन से जीत हासिल की.
सैमसन बोले- खिलाड़ियों का अनुभव काम आया
- संजू सैमसन ने कहा कि भारत के पास काफी अनुभवी टीम थी और ऐसे ही मौकों पर खिलाड़ियों का अनुभव काम आता है. टीम जानती थी कि बारिश से अभ्यास या मैच नहीं होने की स्थिति में अपनी ऊर्जा को कैसे मैनेज करना है और बड़े मुकाबले के लिए मानसिक रूप से तैयार कैसे रहना है.
- सैमसन ने कहा कि एशियन गेम्स में भारत की ‘ए’ टीम को उतारने का फैसला टीम के लिए फायदेमंद रहा. इस टीम में मौजूद क्वालिटी और अनुभव ने पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में दबाव संभालने में मदद की.
- भारतीय सलामी बल्लेबाज ने फाइनल के बाद कहा कि भारत को गोल्ड आसानी से नहीं मिला. टीम को इसके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी.
- पाकिस्तान ने मैच को काफी देर तक मुकाबले में बनाए रखा. यही वजह है कि सैमसन के लिए यह जीत और भी ज्यादा संतोष देने वाली रही.
पाकिस्तान ने भारत को आखिरी तक दबाव में रखा
- भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 211/6 का मजबूत स्कोर खड़ा किया. अभिषेक शर्मा ने 28 गेंदों में 61 रन की तेज पारी खेलकर शुरुआत में ही पाकिस्तान पर दबाव बना दिया. इसके बाद तिलक वर्मा ने सिर्फ 22 गेंदों में 51 रन बनाकर भारतीय पारी को बड़ा स्कोर दिया.
- भारत के 200 के पार पहुंचने के बावजूद पाकिस्तान की बल्लेबाजी ने मुकाबले को एकतरफा नहीं होने दिया. अच्छी बल्लेबाजी के लिए अनुकूल पिच पर पाकिस्तान ने लक्ष्य का पीछा करते हुए लगातार रन बनाए.
- हसन नवाज ने 51 गेंदों में 96 रन की तूफानी पारी खेलकर भारतीय गेंदबाजों के सामने चुनौती खड़ी कर दी.
- आखिरकार भारतीय गेंदबाजों ने दबाव के समय अपनी योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया और पाकिस्तान को 20 ओवर में 192/6 तक सीमित कर दिया.
- भारत ने 19 रन से जीत दर्ज कर गोल्ड अपने नाम किया.
भारत-पाकिस्तान फाइनल पर सैमसन ने क्या कहा?
सैमसन ने माना कि एशियन गेम्स में भारत और पाकिस्तान का फाइनल अपने आप में बड़ा मौका था. दोनों देशों के बीच मुकाबले को लेकर मैच से पहले और बाद में दबाव और चर्चा स्वाभाविक है, लेकिन मैदान पर उतरने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने परिस्थितियों के हिसाब से क्रिकेट खेलने पर ध्यान दिया.
सैमसन के मुताबिक मैच शुरू होने के बाद किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे जरूरी बात यह होती है कि वह मैच की स्थिति को समझे और उसी के अनुसार अपना खेल आगे बढ़ाए. यानी भारत ने फाइनल को सिर्फ भारत-पाकिस्तान मुकाबले के दबाव के रूप में नहीं, बल्कि क्रिकेट की परिस्थितियों के हिसाब से मैनेज किया.
मिथुन मन्हास ने पाकिस्तान पर कसा तंज
- BCCI अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने भी फाइनल के बाद भारतीय टीम के प्रदर्शन की तारीफ की. उन्होंने कहा कि टीम ने दबाव वाली परिस्थितियों को जिस तरह संभाला, वह उसकी मजबूती दिखाता है.
- मन्हास ने पाकिस्तान को भारत का ‘आर्च राइवल’ बताते हुए कहा कि पाकिस्तान अब भारत को उतनी चुनौती नहीं देता, जितनी पहले देता था. हालांकि, फाइनल में पाकिस्तान ने भारत को अच्छी टक्कर दी और आखिरी चरण तक मुकाबले को जीवित रखा.
- मन्हास ने भारतीय टीम को टूर्नामेंट की सबसे बेहतरीन टीम बताते हुए कहा कि डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में टीम का प्रदर्शन सराहनीय रहा. भारत ने इस जीत के साथ एशियन गेम्स में अपना पुरुष क्रिकेट गोल्ड बरकरार रखा.
अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा की तारीफ
मिथुन मन्हास ने अभिषेक शर्मा की पारी की तारीफ की. उन्होंने कहा कि ओपनर्स का काम पारी की दिशा तय करना होता है और अभिषेक ने वही किया. इसके बाद मध्यक्रम ने उस नींव को बड़े स्कोर में बदलने का काम किया. भारत के लिए यह रणनीति काम कर गई. शुरुआत में मिले रन रेट के आधार पर मध्यक्रम को तेजी से रन बनाने का मौका मिला और भारत 20 ओवर में 211 रन तक पहुंच गया.
मन्हास ने तिलक की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए कहा कि यह टीम गेम है, जिसमें ओपनर्स शुरुआत देते हैं और मिडिल ऑर्डर पारी को फिनिश करता है. भारत की 211 रन की पारी में दोनों हिस्सों का योगदान दिखाई दिया.
211 रन बनाने के बाद भी भारत के गेंदबाजों के सामने बड़ी चुनौती थी
भारत का 211 रन का स्कोर इस टूर्नामेंट में पहली बार 200 रन के आंकड़े को पार करने वाला स्कोर था. इसके बावजूद पाकिस्तान की पारी की शुरुआत और बीच के ओवरों में भारतीय टीम को लगातार दबाव झेलना पड़ा. हसन नवाज ने 51 गेंदों में 96 रन बनाकर मुकाबले को बेहद रोमांचक बना दिया. पाकिस्तान को लगातार जरूरी रन मिल रहे थे और भारत को हर ओवर में विकेट की तलाश थी.
ऐसे समय में भारतीय गेंदबाजों ने दबाव में धैर्य बनाए रखा. अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर ने दो-दो विकेट हासिल किए, जबकि जसप्रीत बुमराह को विकेट नहीं मिला, लेकिन उनके महत्वपूर्ण ओवरों ने पाकिस्तान की रन गति पर दबाव बनाए रखने में भूमिका निभाई.




