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कभी मां ने पैसे जोड़कर दिलाया था धनुष, आज एशियन गेम्स में जीता गोल्ड, भारत की बेटी Kumkum Mohod को कितना जानते हैं आप?

17 साल की कुमकुम मोहोड ने एशियन गेम्स में व्यक्तिगत रिकर्व तीरंदाजी का गोल्ड जीतकर देश का नाम रोशन किया है. कभी परिवार ने मुश्किलों के बीच उनके लिए धनुष खरीदा था. इससे पहले कुमकुम दो गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं.

Kumkum Mohod
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( Image Source:  x- @CMDharennavar )
हेमा पंत
Edited By:हेमा पंत3 Mins Read

Updated on: 3 Oct 2026 10:33 AM IST

कभी अमरावती की रहने वाली कुमकुम मोहोड के लिए तीरंदाजी का सफर एक साधारण शुरुआत से शुरू हुआ था. परिवार के पास महंगा धनुष खरीदने के लिए ज्यादा पैसे नहीं थे, इसलिए मां ने बचत से बेटी के लिए धनुष का इंतजाम किया. कुमकुम ने भी सीमित साधनों को अपनी राह की रुकावट नहीं बनने दिया और लगातार निशानेबाजी का अभ्यास करती रहीं.

आज वही कुमकुम एशियन गेम्स में भारत का नाम रोशन कर चुकी हैं. महज 17 साल की उम्र में उन्होंने महिलाओं की व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया. शूट-ऑफ में एक ही तीर के फैसले में कुमकुम ने 10 का निशाना लगाया और खिताब अपने नाम कर लिया. उनका यह सफर बताता है कि छोटी शुरुआत से निकला सपना भी बड़े मंच पर इतिहास बना सकता है.

कौन हैं कुमकुम मोहोड?

x-@OlympicKhel

कुमकुम मोहोड अमरावती की रहने वाली हैं. वह 17 साल की हैं. उनके पिता पिता मिठाई के डिब्बे बनाते हैं. कुमकुम के लिए एशियन गेम्स का सफर हर मुकाबले के साथ और खास होता चला गया. पहले क्वार्टरफाइनल में उन्होंने दक्षिण कोरिया की मौजूदा विश्व चैंपियन कांग चाएयंग को हराकर बड़ा उलटफेर किया. इसके बाद सेमीफाइनल में चीन की झू जिंगयी के सामने उतरीं और 6-2 के शानदार अंतर से जीत दर्ज कर फाइनल का टिकट पक्का कर लिया.

फाइनल में कुमकुम का सामना दक्षिण कोरिया की ओ येजिन से हुआ. पांच सेट के बाद दोनों का स्कोर 5-5 से बराबर था, इसलिए मुकाबले का फैसला शूट-ऑफ से होना था. अब दोनों के पास सिर्फ एक-एक तीर था. ओ येजिन ने 8 नंबर हासिल किए, लेकिन कुमकुम ने दबाव के बीच 10 का सटीक निशाना लगाया और गोल्ड अपने नाम कर लिया. इस जीत के साथ वह एशियन गेम्स की इंडिविजुअल रिकर्व में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गईं.

कितने जीते गोल्ड?

2026 की शुरुआत से ही कुमकुम मोहोड का निशाना लगातार सटीक बैठ रहा है. मई में उन्होंने अंकिता भकत और दीपिका कुमारी के साथ मिलकर शंघाई वर्ल्ड कप में महिला रिकर्व टीम कॉम्पिटिशन का गोल्ड जीता. इस जीत के बाद उनका आत्मविश्वास और बढ़ा और कुछ ही समय बाद अंताल्या में उन्होंने धीरज बोम्मदेवरा के साथ मिश्रित टीम रिकर्व में भी गोल्ड अपने नाम कर लिया.

कितनी पढ़ी-लिखी हैं कुमकुम?

कुमकुम मोहोड अभी महज 17 साल की हैं, इसलिए उनकी जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा पढ़ाई और तीरंदाजी की प्रैक्टिस के बीच बीता है. हालांकि, उनकी स्कूली पढ़ाई को लेकर सार्वजनिक तौर पर ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है. ऐसे में उनकी किसी खास कक्षा, स्कूल या डिग्री के बारे में पक्के तौर पर कुछ कहना सही नहीं होगा.

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