आज है शुभ योग में कामिका एकादशी, जानिए सावन में भगवान विष्णु की पूजा का महत्व, ऐसे रखें व्रत
9 अगस्त यानी आज कामिका एकादशी का व्रत रखा जाएगा, जो सावन माह में पड़ने के कारण और भी खास माना जाता है. इस दिन शुभ योग में भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से भक्तों को विशेष पुण्य मिलने की मान्यता है.
सावन महीने में आने वाली पहली एकादशी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है. इस वर्ष कामिका एकादशी का व्रत 9 अगस्त को रखा जाएगा. एकादशी तिथि भगवान विष्णु की आराधना के लिए समर्पित मानी जाती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, सावन में पड़ने वाली कामिका एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से भगवान शिव और विष्णु दोनों की कृपा प्राप्त होती है. इससे जीवन में चल रही परेशानियों से राहत मिलने और मनोकामनाओं की पूर्ति होने की मान्यता है.
कामिका एकादशी के दिन भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करना, दान-पुण्य करना और तीर्थ स्नान करना विशेष फलदायी माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन किए गए धार्मिक कार्यों का पुण्य लंबे समय तक बना रहता है. यही कारण है कि भगवान विष्णु के भक्त इस एकादशी पर व्रत रखकर विधि-विधान से पूजा करते हैं.
शुभ योग में होगी कामिका एकादशी
हिंदू पंचांग के अनुसार, एक वर्ष में कुल 24 एकादशी तिथियां आती हैं. प्रत्येक एकादशी का अपना धार्मिक महत्व है, लेकिन सावन महीने में आने वाली कामिका एकादशी को विशेष फलदायी माना जाता है. सावन भगवान शिव को समर्पित महीना है और इसी दौरान भगवान विष्णु की आराधना करने का भी विशेष महत्व बताया गया है.इस बार कामिका एकादशी रविवार के दिन पड़ रही है. ऐसे में भगवान विष्णु के साथ सूर्यदेव की पूजा करना भी शुभ माना जाएगा. सुबह स्नान करने के बाद तांबे के लोटे में जल लेकर सूर्यदेव को अर्घ्य दें. इसके बाद भगवान सूर्य का ध्यान करते हुए 'ॐ सूर्याय नमः' मंत्र का जाप करें. माना जाता है कि इससे सूर्यदेव की कृपा प्राप्त होती है और आत्मविश्वास एवं सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है.
कामिका एकादशी का धार्मिक महत्व
सावन की कामिका एकादशी को भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने वाली तिथि माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत और भगवान विष्णु की पूजा करने से व्यक्ति को अपने कर्मों से जुड़े दोषों से मुक्ति पाने में सहायता मिलती है. पुराणों में कामिका एकादशी की महिमा का वर्णन करते हुए इसकी कथा सुनने और सुनाने को भी पुण्यदायी बताया गया है.
सावन में भगवान विष्णु की पूजा क्यों मानी जाती है खास?
सावन का नाम आते ही भगवान शिव की आराधना का ध्यान आता है. हालांकि, इस पवित्र महीने में भगवान विष्णु की पूजा का भी विशेष महत्व है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, सावन में भगवान विष्णु की पूजा, व्रत और दान-पुण्य करने से शुभ फल प्राप्त होता है.कामिका एकादशी पर भगवान विष्णु का पंचामृत से अभिषेक किया जा सकता है. शंख में दूध भरकर भगवान विष्णु का अभिषेक करने और इसके बाद पंचामृत अर्पित करने की परंपरा भी बताई गई है. पूजा में भगवान विष्णु को पीले फूल, फल, तुलसी दल, दूध, तिल और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करें. इसके बाद भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें और श्रद्धानुसार भजन-कीर्तन करें.




