सावन में सोमवार के दिन करते हैं शिवजी की पूजा, महिलाओं से लेकर पुरुष तक कैसे पहनें कपड़े, कौन-से रंग होते हैं शुभ
Sawan Somwar 2026: अगर आप भी सावन सोमवार की पूजा के लिए कपड़े चुनने को लेकर उलझन में हैं, तो हरे, सफेद, पीले, गुलाबी और लाल जैसे रंगों को चुन सकते हैं.
सावन सोमवार पर भगवान शिव की पूजा के लिए कपड़े चुनते समय अक्सर लोगों को समझ नहीं आता कि क्या पहनें और कौन-सा रंग शुभ माना जाता है. अगर आप भी इसी उलझन में हैं, तो पूजा के लिए साफ, आरामदायक और सादे कपड़े चुन सकते हैं. महिलाएं साड़ी, सूट या कुर्ती जैसे पारंपरिक कपड़े पहन सकती हैं, जबकि पुरुष कुर्ता-पायजामा, धोती-कुर्ता या साफ-सुथरे साधारण कपड़े पहन सकते हैं.
रंगों की बात करें तो सावन सोमवार पर हरा, सफेद, पीला, हल्का नीला, गुलाबी और लाल रंग शुभ माना जाता है. हरा रंग सावन की हरियाली और प्रकृति से जुड़ा है, जबकि सफेद रंग शांति और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है. वहीं, कुछ धार्मिक मान्यताओं में काले, भूरे और बहुत गहरे रंगों से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि, सबसे जरूरी है कि कपड़े साफ हों और पूजा सच्चे मन से की जाए.
महिलाओं और पुरुषों को कैसे कपड़े पहनने चाहिए?
पूजा के लिए महिलाओं को साड़ी, सलवार-सूट, कुर्ती या कोई भी सादा पारंपरिक पहनावा चुनना अच्छा रहेगा. पुरुष कुर्ता-पायजामा, धोती-कुर्ता या साफ-सुथरे साधारण कपड़े पहन सकते हैं. बहुत ज्यादा भड़कीले या असहज कपड़ों की जगह पूजा के लिए आरामदायक कपड़े बेहतर रहेंगे.
दूसरे सोमवार को कौन-से रंग के कपड़े पहने
सफेद रंग शांति और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है. दूसरे सोमवार को सफेद कुर्ता-पायजामा, धोती-कुर्ता, साड़ी या सूट पहना जा सकता है. हल्के रंगों के कपड़े पूजा के दौरान सादगी भरा लुक भी देते हैं.
तीसरे सोमवार को क्या पहनें?
तीसरे सोमवार के लिए पीला या हल्का नीला रंग चुना जा सकता है. पीला रंग सकारात्मकता और ज्ञान से जुड़ा माना जाता है, जबकि हल्का नीला रंग मन को शांत रखने का भाव देता है. महिलाएं पीले सूट या साड़ी और पुरुष पीला कुर्ता पहन सकते हैं.
किन रंगों से बचें?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन सोमवार की पूजा में काले, भूरे और बहुत गहरे ग्रे रंग से बचने की सलाह दी जाती है. इन्हें कुछ परंपराओं में नकारात्मकता से जोड़कर देखा जाता है. हालांकि, अगर आपके पास बताए गए शुभ रंगों के कपड़े नहीं हैं तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. साफ कपड़े पहनकर सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा करना ही सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है.
नोट: यह जानकारी सामान्य मान्यताओं पर आधारित है. स्टेट मिरर हिंदी इसकी पूर्ण सत्यता या प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है. किसी भी उपाय या जानकारी को अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें.




