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शुक्र की महादशा में इन लोगों की चमक उठती है किस्मत, 20 वर्षों तक नहीं रहती धन और वैभव की कमी

शुक्र की महादशा को ज्योतिष में धन, वैभव और सुख-सुविधाओं का समय माना जाता है. इस दौरान कई लोगों की किस्मत चमकती है और लंबे समय तक आर्थिक समृद्धि बनी रहती है.

शुक्र की महादशा में इन लोगों की चमक उठती है किस्मत, 20 वर्षों तक नहीं रहती धन और वैभव की कमी
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शुक्र की महादशा से लकी राशियां

( Image Source:  AI SORA )
State Mirror Astro
By: State Mirror Astro3 Mins Read

Updated on: 29 March 2026 7:30 AM IST

ज्योतिष में 9 ग्रहों में से एक ग्रह शुक्र होता है, जो भौतिक सुख, सुविधा, भोग-विलास, सौंदर्य, शौहरत, कला, रोमांस और धन आदि का कारक माना जाता है.जिन जातकों की कुंडली में शुक्र अगर मजबूत होता है तो उनके जीवन में हर तरह की सुख-सुविधा का लाभ मिलता है. शुक्र ग्रह की महादशा 20 वर्षों की होती है.ऐसे में अगर कुंडली में शुक्र की स्थिति अच्छी नहीं है तो व्यक्ति के धन और वैवाहिक जीवन से जुड़े सुखों का अभाव रहता है.

इससे भौतिक सुख-सुविधाओं का अभाव रहता है.व्यक्ति के जीवन में दरिद्रता बनी रहती है.वहीं दूसरी तरफ अगर कुंडली में शुक्र ग्रह अच्छी स्थिति में विराजमान होते हैं तो व्यक्ति को लग्जरी जीवन का सुख मिलता है.ऐसे व्यक्ति के जीवन में कभी धन की कोई कमी नहीं रहती है.आइए जानते हैं शुक्र की 20 वर्षों की महादशा चलने पर व्यक्ति के जीवन पर किस तरह का प्रभाव देखने को मिलता है.

शुक्र की महादशा और जीवन पर प्रभाव

अगर किसी व्यक्ति की जन्मकुंडली में शुक्र ग्रह शुभ स्थित में होते हैं और शुक्र की महादशा चल रही हो तो व्यक्ति के जीवन में सभी तरह की सुख-सुविधाओं का प्राप्ति होती है.व्यक्ति के जीवन में कभी भी धन, वैभव और भौतिक सुख की कमी नहीं होती है.कुंडली में शुक्र की मजबूत स्थिति होने पर प्रेम और दांपत्य संबंधों में बेहतर सुधार देखने को मिलता है.ऐसे व्यक्ति को पास धनवान होने के कई मौके आते हैं.

जन्मकुंडली में शुक्र की अशुभ स्थिति

शुक्र ग्रह की महादशा 20 वर्षों तक चलती है और उसके जीवनकाल में एक बार जरूर आती है.शुक्र की महादशा का कैसा फल आपको मिलेगा यह इस बात पर निर्भर करता है आपकी कुंडली में शुक्र किस अवस्था में हैं.अगर शुक्र देव कुंडली में अच्छे भाव में नहीं हैं तो महादशा चलने पर व्यक्ति के जीवन में धन की कमी का सामना करना पड़ता है.भौतिक सुख-सुविधाओं का अभाव होने लगता है.व्यक्ति के जीवन में किडनी से संबंधित बीमारी का सामना करना पड़ता है.इसके अलावा व्यक्ति को घर और गाड़ी का सुख नहीं मिलता है.

सभी 9 ग्रहों की महादशा

वैदिक ज्योतिष शास्त्र में सभी नवग्रहों की 120 साल की महादशाओं का वर्णन मिलता है.सूर्य की 6 वर्षों तक की महादशा चलती है.चंद्रमा की 10 वर्ष की महादशा, मंगल की 7 वर्ष की, बुध की 17 वर्ष की, शुक्र की 20 वर्ष की, शनि की 19 वर्ष की, राहु की 18 वर्ष की और केतु की 7 वर्षों की महादशा चलती है.

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