शनिदेव को प्रसन्न करना चाहते हैं? जरूर अपनाएं ये 5 आसान उपाय, साढ़ेसाती के कष्ट होंगे दूर
अगर जीवन में बार-बार परेशानियां आ रही हैं और साढ़ेसाती का असर महसूस हो रहा है, तो शनिदेव को प्रसन्न करना जरूरी माना जाता है. कुछ आसान उपाय अपनाकर आप उनके अशुभ प्रभाव को कम कर सकते हैं और जीवन में राहत पा सकते हैं.
शनिदेव का नाम सुनते ही कई लोगों के मन में डर बैठ जाता है. ऐसा माना जाता है कि जब शनि की टेढ़ी नजर किसी व्यक्ति पर पड़ती है, तो उसके जीवन में परेशानियां बढ़ने लगती हैं. शास्त्रों में शनि को कठोर और कर्मों का फल देने वाला ग्रह बताया गया है. यही कारण है कि लोग शनि के प्रभाव से भयभीत रहते हैं.लेकिन सच्चाई यह है कि शनिदेव सिर्फ दंड देने वाले नहीं, बल्कि न्यायप्रिय भी हैं. अगर वे किसी व्यक्ति से प्रसन्न हो जाएं, तो उसे ऊंचाइयों तक पहुंचा देते हैं. शनि देव हर व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं.
उनकी चाल धीमी होती है और वे एक राशि में लगभग ढाई साल तक रहते हैं, इसलिए उनका प्रभाव लंबे समय तक बना रहता है. यदि किसी की कुंडली में शनि अशुभ स्थिति में हो, तो जीवन में रुकावटें, तनाव और कठिनाइयां बढ़ सकती हैं. ऐसे में शनिवार के दिन कुछ खास उपाय करने से शनि के अशुभ प्रभाव को कम किया जा सकता है और उनकी कृपा प्राप्त की जा सकती है. आइए जानते हैं ऐसे 5 सरल और प्रभावी उपाय.
1. काले तिल का उपाय
काला तिल शनिदेव को अत्यंत प्रिय माना जाता है. शनिवार के दिन जल में काला तिल मिलाकर अर्पित करना शुभ होता है. साथ ही, काले तिल का दान करने से पापों का नाश होता है और जीवन की परेशानियां धीरे-धीरे कम होने लगती हैं.
2. सरसों के तेल का दीपक जलाएं
शनिवार के दिन शनिदेव को सरसों का तेल अर्पित करना और तेल का दीपक जलाना बहुत लाभकारी माना जाता है. शनि मंदिर में या पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाने से शनि की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है.
3. लोहे की वस्तुओं का दान करें
शनि ग्रह का संबंध लोहे और खनिज से माना जाता है. ऐसे में शनिवार के दिन लोहे की वस्तुएं दान करना या अर्पित करना शुभ फल देता है. इससे कुंडली में शनि की स्थिति मजबूत होती है और बाधाएं दूर होती हैं.
4. काले और नीले रंग का प्रयोग करें
काला और नीला रंग शनिदेव को प्रिय है. शनिवार के दिन इन रंगों के वस्त्र पहनना या इन्हें अर्पित करना शुभ माना जाता है. इससे शनि के अशुभ प्रभाव कम होते हैं और साढ़ेसाती या ढैय्या के कष्टों में राहत मिलती है.
5. पीपल के पेड़ से जुड़ा उपाय
धार्मिक मान्यता है कि पीपल के पेड़ में देवी-देवताओं का वास होता है, जिसमें शनिदेव भी शामिल हैं. शनिवार की शाम पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना और पीपल के पत्तों की माला अर्पित करना अत्यंत शुभ होता है. इससे शनिदेव जल्द प्रसन्न होते हैं और जीवन की परेशानियां दूर होने लगती हैं.




