ज्यादा कार्डियो और स्ट्रेस बनता है परेशानी, एक्सपर्ट से जाने वेट लॉस के लिए क्या हैं रूल
वजन घटाने के लिए लोग अक्सर घंटों कार्डियो करते हैं और आराम को नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि ज्यादा वर्कआउट और बढ़ता स्ट्रेस, दोनों ही फैट लॉस की रफ्तार को धीमा कर सकते हैं.
वजन घटाने की कोशिश में लोग अक्सर एक ही गलती दोहराते हैं. ज्यादा से ज्यादा कार्डियो और कम से कम आराम. पसीना बहता है, थकान बढ़ती है, लेकिन रिज़ल्ट उम्मीद के मुताबिक नहीं आते. फिटनेस एक्सपर्ट्स का कहना है कि ओवरवर्कआउट और लगातार तनाव शरीर के फैट लॉस सिस्टम को बिगाड़ सकते हैं. जब स्ट्रेस बढ़ता है, तो हार्मोनल बैलेंस गड़बड़ा जाता है, क्रेविंग्स बढ़ती हैं और मेटाबॉलिज्म पर भी असर पड़ता है.
वेट लॉस कोच Satvic Bhatia, जिन्होंने खुद 30 किलो वजन घटाया है. उन्होंने वेट लॉस के रूल बनाए हैं. चलिए जानते हैं वजन कम करने के सही तरीके.
ज्यादा कार्डियो
कई लोगों को लगता है कि घंटों ट्रेडमिल पर दौड़ना ही वजन घटाने की चाबी है. हकीकत थोड़ी अलग है. जरूरत से ज्यादा कार्डियो आपको थका सकता है, भूख बढ़ा सकता है और मसल्स लॉस का खतरा भी बढ़ जाता है. जब मांसपेशियां घटती हैं तो मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ सकता है, जिससे आगे चलकर फैट कम करना और मुश्किल हो जाता है. एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि कार्डियो के साथ स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जरूर एड करें. इससे शरीर टोंड होता है, कैलोरी बर्न बेहतर होती है और लॉन्ग टर्म में रिज़ल्ट स्थिर रहते हैं.
बॉडी रिकवरी पर ध्यान दें
वेट लॉस कोच ने बताया कि जिम में मेहनत जरूरी है, लेकिन बदलाव तब होता है जब शरीर आराम करता है. नींद की कमी, बिना ब्रेक लगातार वर्कआउट और हर समय दर्द की कंडीशन- ये सब प्रोग्रेस को धीमा कर सकते हैं. अच्छी नींद लेने से हार्मोन बैलेंस रहते हैं, मसल्स रिपेयर होती हैं और अगले दिन एनर्जी भी बनी रहती है. रेस्ट डे लेना कमजोरी नहीं, बल्कि समझदारी है.
स्ट्रेस होना चाहिए कम
अगर स्ट्रेस ज्यादा है तो शरीर में कोर्टिसोल बढ़ता है. इससे मीठा या जंक खाने की इच्छा बढ़ सकती है और वजन घटाना कठिन लगने लगता है. तनाव आपकी नींद, मूड और डिसिप्लिन- तीनों को प्रभावित करता है. मेडिटेशन, हल्की वॉक, पसंदीदा हॉबी या दोस्तों से बातचीत. ये छोटे कदम बड़े बदलाव ला सकते हैं.





