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Kiara Advani 2025 में पहली बार बनीं मां, अब फिर से प्रेगनेंट, आखिर 2 बच्चों के बीच कितना होना चाहिए गैप? Expert View

कियारा आडवाणी की दूसरी प्रेग्नेंसी की खबर के बाद बच्चों के बीच सही गैप को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है. एक्सपर्ट के मुताबिक नॉर्मल डिलीवरी के बाद 18-24 महीने का गैप रखना चाहिए.

Kiara Advani
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( Image Source:  instagram-@kiaraaliaadvan )
हेमा पंत
Edited By:हेमा पंत5 Mins Read

Updated on: 7 Oct 2026 12:41 PM IST

कियारा आडवाणी और सिद्धार्थ मल्होत्रा के घर एक बार फिर खुशियों की दस्तक हुई है. 2025 में पहली बार बेटी के माता-पिता बने इस कपल ने एक प्यारी सी जॉइंट पोस्ट के जरिए अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी की खबर फैंस के साथ शेयर की. पोस्ट में दोनों के हाथ एक-दूसरे से जुड़े नजर आए, जबकि कियारा और सिद्धार्थ की बेटी के हाथों में छोटे-छोटे मोजों की एक जोड़ी दिखाई दी. इस तस्वीर के साथ कपल ने बताया कि उनके परिवार में एक और नन्हा मेहमान आने वाला है.

कियारा की प्रेग्नेंसी की खबर सामने आते ही अब लोगों के मन में यह सवाल भी उठ रहा है कि दो बच्चों के बीच कितना गैप होना चाहिए? क्या पहली डिलीवरी के तुरंत बाद दूसरी प्रेग्नेंसी प्लान करना ठीक है? इस पर गायनोकॉलोजिस्ट डॉ. सोनिया गुप्ता के मुताबिक, नॉर्मल डिलीवरी के बाद आमतौर पर 18 से 24 महीने का गैप रखना बेहतर माना जाता है. वहीं, अगर पहली डिलीवरी सी-सेक्शन से हुई हो तो कम से कम 2 साल का अंतर और बेहतर तौर पर ढाई से 3 साल का गैप रखने की सलाह दी जाती है, ताकि मां का शरीर और गर्भाशय अगली प्रेग्नेंसी के लिए अच्छी तरह तैयार हो सके.

डिलीवरी के बाद बॉडी में कौन-से बदलाव आते हैं?

गायनोकॉलोजिस्ट डॉ. सोनिया गुप्ता के मुताबिक, बच्चे के जन्म के बाद मां का शरीर तुरंत पहले जैसी कंडीशन में नहीं लौटता. डिलीवरी के बाद शरीर को रिकवर होने में कुछ समय लगता है. इस दौरान खून और कैल्शियम की कमी के साथ कमजोरी भी महसूस हो सकती है. दूसरी तरफ, नवजात को ब्रेस्टफीड कराने की जिम्मेदारी भी मां की होती है, जिससे शरीर पर एक्सट्रा प्रेशर रहता है. ऐसे में अगर शरीर के पूरी तरह संभलने से पहले ही दूसरी प्रेग्नेंसी ठहर जाए, तो मां और आने वाले बच्चे से जुड़ी कुछ परेशानियों का खतरा बढ़ सकता है.

नॉर्मल डिलीवरी के बाद कितना गैप रखें?

पहली डिलीवरी अगर नॉर्मल रही हो और उस दौरान किसी बड़ी परेशानी का सामना न करना पड़ा हो, तब भी अगली प्रेग्नेंसी की जल्दी नहीं करनी चाहिए. डॉक्टर की सलाह के मुताबिक, दूसरी प्रेग्नेंसी प्लान करने से पहले 18 से 24 महीने का गैप रखना बेहतर माना जाता है. इस दौरान महिला को अपनी खोई ताकत वापस पाने, शरीर में पोषण की कमी पूरी करने और अगली प्रेग्नेंसी के लिए खुद को मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार करने का पूरा समय मिल जाता है.

C-Section के बाद कितना अंतर है जरूरी?

अगर पहली डिलीवरी सी-सेक्शन से हुई है, तो दूसरी प्रेग्नेंसी प्लान करने में थोड़ा ज्यादा इंतजार करना जरूरी माना जाता है. दरअसल, ऑपरेशन के दौरान यूटेरस पर चीरा लगाया जाता है और उसे पूरी तरह ठीक होने में समय लगता है. अंदर बना यह निशान धीरे-धीरे मजबूत होता है. इसलिए एक्सपर्ट के मुताबिक सी-सेक्शन के बाद कम से कम 2 साल का गैप रखना चाहिए, जबकि बेहतर माना जाता है कि अगली प्रेग्नेंसी के बीच ढाई से 3 साल का अंतर हो.

जल्दी प्रेग्नेंसी से क्या खतरे?

सोनिया गुप्ता ने बताया कि अगर पहली डिलीवरी के बाद शरीर को संभलने का पूरा समय न मिले और जल्दी ही दूसरी प्रेग्नेंसी हो जाए, तो कुछ परेशानियों का खतरा बढ़ सकता है. महिला को खून की कमी हो सकती है, वहीं गर्भपात या समय से पहले डिलीवरी की आशंका भी बढ़ सकती है. इसका असर बच्चे की ग्रोथ पर भी पड़ सकता है. खासकर पहली डिलीवरी सी-सेक्शन से हुई हो, तो कम गैप में अगली प्रेग्नेंसी के दौरान गर्भाशय पर पुराने ऑपरेशन के निशान से जुड़ी गंभीर दिक्कतें होने का जोखिम रह सकता है.

क्या ज्यादा गैप सही?

दूसरी प्रेग्नेंसी के लिए बहुत ज्यादा लंबा इंतजार करना भी हर महिला के लिए सही नहीं हो सकता है. जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, प्रेग्नेंट होने में दिक्कत और प्रेग्नेंसी से जुड़ी कुछ परेशानियों का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए दो बच्चों के बीच गैप तय करते समय सिर्फ समय का अंतर नहीं, बल्कि महिला की उम्र, पिछली प्रेग्नेंसी कैसी रही और डिलीवरी नॉर्मल हुई थी या सी-सेक्शन, इन सभी बातों को ध्यान में रखना जरूरी है.

डॉक्टर से सलाह लेकर करें प्लानिंग

हर कपल के लिए दूसरी प्रेग्नेंसी का सही समय अलग हो सकता है. इसलिए सिर्फ दूसरों की देखादेखी गैप तय करने के बजाय अपनी स्थिति को समझना जरूरी है. एक्सपर्ट की सलाह है कि दूसरी बार बेबी प्लान करने से पहले डॉक्टर से बात जरूर करें. मां की उम्र, सेहत और पिछली डिलीवरी किस तरह हुई थी, इन सभी बातों को देखकर डॉक्टर सही समय तय करने में मदद कर सकते हैं.

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