Begin typing your search...

नौकरी के साथ कैसे बनाएं मोटा पैसा? इंटरप्रेन्योर Ankur Warikoo ने यंगस्टर्स को बताए 3 आसान फॉर्मूले

इंटरप्रेन्योर अंकुर वारिकू ने नौकरी के साथ पैसा कमाने और सिक्योर फ्यूचर के लिए 3 टिप्स दी हैं. एक्सरपर्ट का मानना है कि छोटी उम्र से ही म्यूचुअल फंड में इंवेस्ट करना चाहिए.

Ankur Warikoo
X
( Image Source:  instagram-@ankurwarikoo )
हेमा पंत
Edited By:हेमा पंत4 Mins Read

Updated on: 29 Oct 2026 1:58 PM IST

आज के समय में सिर्फ नौकरी मिल जाना ही काफी नहीं है, बल्कि अपनी कमाई को सही तरीके से संभालना और भविष्य के लिए पैसा जोड़ना भी जरूरी हो गया है. कई यंगस्टर्स हर महीने सैलरी तो कमाते हैं, लेकिन खर्चों के बाद उनके पास बचत के लिए बहुत कम रकम बचती है. ऐसे में सवाल उठता है कि नौकरी करते हुए आर्थिक रूप से मजबूत कैसे बना जाए?

इसी मुद्दे पर इंटरप्रेन्योर और WebVeda के फाउंडर अंकुर वारिकू ने एनडीटीवी को दिए एक इंटरव्यू में युवाओं को पैसे से जुड़ी कई अहम बातें बताईं. उन्होंने समझाया कि अच्छी आर्थिक स्थिति बनाने के लिए केवल ज्यादा कमाना ही नहीं, बल्कि बचत, बीमा और सही जगह निवेश करने की आदत डालना भी जरूरी है. साथ ही, कम उम्र से ही निवेश की शुरुआत करने पर लंबे समय में पैसा जोड़ने का मौका मिलता है.

इमरजेंसी फंड क्यों है जरूरी?

अंकुर वारिकू का मानना है कि पैसे लगाने की शुरुआत करने से पहले अपनी फाइनेंशियल सेफ्टी का इंतजाम करना जरूरी है. इसके लिए ऐसी बचत तैयार करनी चाहिए, जिसका इस्तेमाल अचानक जरूरत पड़ने पर किया जा सके. मसलन, अगर किसी वजह से नौकरी चली जाए या परिवार में किसी को इलाज की जरूरत पड़ जाए, तो पैसों की कमी परेशानी न बढ़ाए. उन्होंने यंगस्टर्स को सलाह दी कि वे अपनी कमाई में से इतनी रकम बचाकर रखें, जिससे 6 से 9 महीने तक घर का खर्च चल सके. बजट साथ दे, तो इस बचत को एक साल के खर्च के बराबर करना और भी अच्छा रहेगा. ऐसा करने से बुरे वक्त में रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए निवेश तोड़ने या दूसरी बचत पर हाथ डालने की नौबत कम आएगी.

म्यूचुअल फंड में निवेश क्यों करना चाहिए?

इंटरप्रेन्योर के मुताबिक, यंगस्टर्स को अपनी कमाई का कुछ हिस्सा नियमित रूप से निवेश करने के लिए अलग रखना चाहिए. इसके लिए म्यूचुअल फंड एक ऑप्शन हो सकता है. उनका कहना है कि शेयर बाजार में सीधे पैसा लगाने के लिए कंपनियों के कामकाज और बाजार के उतार-चढ़ाव को समझना पड़ता है. साथ ही, निवेश पर नजर रखने के लिए समय भी निकालना होता है, जो हर किसी के लिए आसान नहीं है. म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले भी जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए. अपनी आर्थिक जरूरतों, निवेश के मकसद और नुकसान सहने की क्षमता को ध्यान में रखकर ही फैसला लेना चाहिए, क्योंकि इसमें भी पैसा घटने का खतरा रहता है.

छोटी बचत करें

एक्सपर्ट ने आर्थिक रूप से मजबूत बनने के लिए सिर्फ अच्छी कमाई करना काफी नहीं है, बल्कि पैसों को सही ढंग से संभालना भी आना चाहिए. अगर कोई व्यक्ति हर महीने थोड़ी-थोड़ी रकम निवेश करता है और लंबे समय तक इस आदत को बनाए रखता है, तो कंपाउंडिंग का लाभ मिल सकता है. इसमें निवेश पर मिलने वाला मुनाफा भी आगे कमाई बढ़ाने में मदद कर सकता है. उदाहरण के तौर पर, अगर किसी निवेश पर सालाना औसतन 12 फीसदी रिटर्न मिलता रहे और पैसा 20 से 30 साल तक लगा रहे, तो समय के साथ कुल रकम काफी बढ़ सकती है. हालांकि, यह केवल एक उदाहरण है. बाजार में मिलने वाला रिटर्न घट-बढ़ सकता है, इसलिए 12 फीसदी कमाई को पक्का नहीं माना जा सकता है.

हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस क्यों लेना चाहिए?

अक्सर युवा सोचते हैं कि अभी उम्र कम है, इसलिए बीमा लेने की जरूरत बाद में पड़ेगी. लेकिन अचानक बीमारी या कोई अनहोनी सामने आ जाए, तो जमा की गई रकम खर्च हो सकती है और पैसों का पूरा हिसाब बिगड़ सकता है. अंकुर वारिकू की सलाह है कि भविष्य की तैयारी करते समय बीमा को भी अपनी योजना में जगह देनी चाहिए. मेडिकल खर्च से बचाव के लिए हेल्थ इंश्योरेंस और परिवार की आर्थिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लाइफ इंश्योरेंस पर विचार करना चाहिए. इससे मुश्किल घड़ी में इलाज का खर्च उठाने और अपनों की आर्थिक सुरक्षा बनाए रखने में मदद मिल सकती है.

अगला लेख