तन्निष्ठा साहा कौन? ममता बनर्जी की ओर चाकू से लेकर झपटी और फिर करने लगी गाली-गलौज, TMC सांसद का आरोप- VIDEO
ममता बनर्जी के कालीघाट कार्यक्रम में महिला के कथित हमले से विवाद बढ़ा. जानिए तन्निष्ठा साहा कौन हैं, TMC के आरोप क्या हैं और पुलिस जांच में किन सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं.
बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कालीघाट में दुर्गा पूजा पंडाल के उद्घाटन के दौरान एक महिला को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं का आरोप है कि महिला भीड़ से निकलकर ममता बनर्जी के करीब पहुंची, उनकी साड़ी खींची और उन पर हमला करने की कोशिश की. महिला के पास चाकू होने का दावा भी किया गया है. इस मामले में TMC सांसद डोला सेन की शिकायत में महिला की पहचान तन्निष्ठा साहा (Tannishtha Saha) के रूप में बताई गई है.
द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, शिकायत में महिला को कथित तौर पर सिविक वॉलंटियर बताया गया है. उसके व्यवहार और नशे की हालत में होने के आरोप भी लगाए गए हैं. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है. महिला की उम्र, पारिवारिक पृष्ठभूमि, नौकरी और घटना के पीछे उसकी मंशा को लेकर भी फिलहाल पर्याप्त सत्यापित जानकारी सामने नहीं आई है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर तन्निष्ठा साहा कौन है और कालीघाट में उस शाम क्या हुआ था?
कौन है तन्निष्ठा साहा, जिस पर ममता बनर्जी के करीब पहुंचने का आरोप?
तन्निष्ठा साहा का नाम ममता बनर्जी की सुरक्षा से जुड़े इस विवाद के बाद सामने आया है. डोला सेन की ओर से कालीघाट पुलिस स्टेशन में दी गई शिकायत में कथित तौर पर इसी नाम की महिला का जिक्र किया गया है. रिपोर्ट के अनुसार, शिकायत में उसे सिविक वॉलंटियर बताया गया है. हालांकि, केवल शिकायत में नाम आने से महिला की पहचान, रोजगार या भूमिका की सभी जानकारियां प्रमाणित नहीं हो जातीं. उसकी नियुक्ति कहां थी, क्या वह घटना के समय किसी आधिकारिक ड्यूटी पर थी और कार्यक्रम में किस हैसियत से पहुंची थी. इन सवालों पर अभी स्पष्ट, स्वतंत्र रूप से सत्यापित जानकारी उपलब्ध नहीं है. महिला की निजी जिंदगी, परिवार या राजनीतिक विचारों को लेकर भी प्रमाणित जानकारी सामने नहीं आई है. इसलिए सोशल मीडिया पर सामने आने वाले अपुष्ट दावों को तथ्य मानने से बचना जरूरी है.
कालीघाट में तन्निष्ठा साहा ने क्या किया? जानिए घटना का पूरा क्रम
रिपोर्टों के मुताबिक, घटना मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 की शाम करीब छह बजे कोलकाता के कालीघाट इलाके में हुई. ममता बनर्जी एक स्थानीय दुर्गा पूजा पंडाल का उद्घाटन करने पहुंची थीं. कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद डोला सेन भी मौजूद थीं. TMC नेताओं के आरोप के अनुसार, इसी दौरान एक महिला भीड़ से निकलकर ममता बनर्जी के नजदीक पहुंचने लगी. शिकायत में आरोप लगाया गया कि महिला ने उनके पास जाने और उन्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश की. इसी बीच धक्का-मुक्की हुई और महिला सड़क पर गिर गई.
रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि महिला ममता बनर्जी को बार-बार ‘पिशी’ कहकर संबोधित कर रही थी. बंगाली भाषा में ‘पिशी’ का अर्थ बुआ होता है. हालांकि, महिला ने ऐसा क्यों कहा और उस समय उसका व्यवहार क्या संकेत देता था, इस बारे में बिना जांच के कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा. घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ, इसे समझने के लिए मौके के वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होंगे.
महिला के पास चाकू था या नहीं? क्या है पूरा मामला?
इस विवाद में सबसे गंभीर आरोप महिला के पास चाकू होने का है. TMC नेताओं का दावा है कि महिला के पास चाकू था और वह ममता बनर्जी पर हमला करना चाहती थी. डोला सेन की शिकायत में भी कथित हथियार का जिक्र किए जाने की बात रिपोर्ट की गई है. लेकिन किसी व्यक्ति के पास चाकू होने का आरोप, हथियार बरामद होना और उससे हमला करने की कोशिश साबित होना अलग-अलग बातें हैं. अभी उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह दावा स्थापित तथ्य के रूप में नहीं लिखा जा सकता कि महिला ने चाकू से हमला किया था. इस मामले में पुलिस की बरामदगी रिपोर्ट, घटनास्थल के वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्य अहम होंगे. जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा कि कथित हथियार वास्तव में मौजूद था या नहीं और घटना के दौरान महिला की भूमिका क्या थी.
क्या तन्निष्ठा साहा नशे में थी?
डोला सेन की शिकायत में महिला के नशे की हालत में होने का आरोप भी बताया गया है. हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि सामने आना जरूरी है. सिर्फ किसी के व्यवहार या मौके पर हुई धक्का-मुक्की के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि वह नशे में था. इसकी पुष्टि के लिए पुलिस के रिकॉर्ड, मेडिकल जांच या अन्य विश्वसनीय साक्ष्य महत्वपूर्ण हो सकते हैं. यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि महिला का कथित व्यवहार किसी व्यक्तिगत वजह से था, किसी गलतफहमी का परिणाम था या इसके पीछे कोई अन्य कारण था. फिलहाल उसकी मंशा को लेकर कोई प्रमाणित निष्कर्ष सामने नहीं है.
डोला सेन की शिकायत में महिला के खिलाफ क्या कहा गया?
घटना के बाद TMC सांसद डोला सेन ने कालीघाट पुलिस स्टेशन में शिकायत दी. रिपोर्ट के मुताबिक, शिकायत में महिला की पहचान तन्निष्ठा साहा के रूप में बताई गई और उसके ममता बनर्जी के करीब पहुंचने, कथित चाकू तथा घटना के दौरान उसके व्यवहार का उल्लेख किया गया. शिकायत में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173 के तहत कार्रवाई की मांग किए जाने की भी रिपोर्ट है. यह धारा संज्ञेय अपराधों की सूचना दर्ज करने की प्रक्रिया से संबंधित है. हालांकि, पुलिस में शिकायत दर्ज होना और आरोप साबित होना अलग-अलग चरण हैं. शिकायत के आधार पर पुलिस तथ्यों की जांच कर सकती है, साक्ष्य जुटा सकती है और उपलब्ध सामग्री के अनुसार आगे की कार्रवाई कर सकती है. महिला के खिलाफ कौन-से आरोप प्रमाणित होते हैं, यह जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया से ही स्पष्ट होगा.
तन्निष्ठा साहा की नौकरी और राजनीतिक कनेक्शन पर क्या पता चला?
महिला को कथित तौर पर सिविक वॉलंटियर बताए जाने के बाद उसकी नौकरी और भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं. लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों से यह स्पष्ट नहीं होता कि वह किस विभाग या क्षेत्र में तैनात थी, उसकी नियुक्ति की स्थिति क्या थी या कार्यक्रम के दौरान वह वहां किस कारण मौजूद थी. इसी तरह, अभी तक उपलब्ध विश्वसनीय जानकारी में किसी राजनीतिक दल से उसके संबंध का सत्यापित प्रमाण सामने नहीं आया है. घटना के पीछे राजनीतिक साजिश होने का दावा भी जांच से प्रमाणित नहीं हुआ है.




